मोदीजी वापस सत्ता में आए तो अगली बार से देश में चुनाव होने की गारंटी नहीं: अशोक गहलोत
अशोक गहलोत ने आरोप लगाया, “भाजपा के पास बोलने के लिए अपनी कोई उपलब्धि नहीं है. इसलिए वह धर्म, राष्ट्रवाद और सेना की उपलब्धियों के नाम पर चुनाव जीतना चाहती है.”
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकसभा चुनाव को लेकर अपने विचार स्पष्ट किए हैं. इंडियन एक्सप्रेस के के साथ एक साक्षात्कार में अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय जनत पार्टी को एक बार फिर से 5 सालों के लिए सत्ता में आने देना खतरनाक होगा. उन्होंने कहा कि अगर मोदीजी वापस सत्ता में आते हैं, तो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि भविष्य में चुनाव होंगे. भाजपा लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती है.
बालाकोट हवाई हमले पर भाजपा की राजनीति
अशोक गहलोत ने कहा, “पुलवामा हमले के बाद देश में बने माहौल ने लोगों को एहसास कराया कि मोदी जी और उनकी सरकार ने इसका राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश की है. जिस तरह से राजनीतिक प्रचार के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे का इस्तेमाल किया गया, उसकी निंदा की जानी चाहिए.”
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए मुद्दों को बदलने की राजनीति की जा रही है. यह देश हित में नहीं है.
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, “भाजपा के पास बोलने के लिए अपनी कोई उपलब्धि नहीं है. इसलिए वह धर्म, राष्ट्रवाद और सेना की उपलब्धियों के नाम पर चुनाव जीतना चाहती है.”
उन्होंने कहा, “देश में ऐसा पहली बार देखा गया है कि यदि कोई सरकार की आलोचना करता है, तो उस व्यक्ति पर राष्ट्र विरोधी होने का आरोप लगाया जाता है.”
अशोक गहलोत ने आगे कहा, “लोगों में डर है कि अगर मोदीजी वापस सत्ता में आए हैं तो देश किस दिशा में जाएगा. सिर्फ दो लोग मोदी और अमित शाह, देश पर शासन कर रहे हैं और वे असंतोष और विरोध की आवाज़ों के लिए असहिष्णु हैं. लोकतंत्र में आलोचना को भी सहन करना पड़ता है.”
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “ अगर मोदीजी वापस आते हैं, तो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि भविष्य में चुनाव होंगे. वे (भाजपा) लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते. उनकी फासीवादी मानसिकता चिंता का विषय है. नफरत और बदले की राजनीति देश पर शासन कर रही है.”
कृषि संकट
अशोक गहलोत ने कहा, “हमारा (कांग्रेस का) उद्देश्य किसानों की स्थिति में सुधार करना है ताकि वे कर्ज़ माफी से कर्ज़ मुक्ति की ओर बढ़ सकें.”
उन्होंने बताया, “राहुल जी ने फैसला किया है कि किसानों के लिए एक अलग बजट होगा. कृषि पर निर्भर देश में, किसान का अपना बजट होगा और उसकी समस्याओं का समाधान होगा.”
उन्होंने कहा, “हम (कांग्रेस) यह सुनिश्चित करने पर काम करेंगे कि किसान को उसकी फसल का सही मूल्य मिले और वह कृषि पर आधारित छोटे व्यवसाय को स्थापित करे.”
गहलोत ने कहा, “किसान सम्मान निधि के बारे में लोगों को भ्रमित करने की राजनीति की शुरुआत प्रधानमंत्री ने फरवरी में अपनी राजस्थान यात्रा के दौरान झूठा वादा करके की थी.” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाभार्थियों की सूची न देना और किसानों को लाभ न लेने देने का आरोप निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण हैं.