भाजपा का मुखपत्र बन गई है समाचार एजेंसी ANI? अमित शाह की तारीफ़ में पढ़े कसीदे
भाजपा की बंगाल यूनिट के एक ट्वीट को कॉपी करके एएनआई ने अमित शाह के भाषण कला की तारीफ़ की है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने भारतीय जनता पार्टी के मुखपत्र का काम किया है. भाजपा की बंगाल यूनिट के एक ट्वीट को कॉपी करके एएनआई ने अमित शाह के भाषण कला की तारीफ़ की है.
दरअसल, एएनआई ने 22 जनवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के एक बयान को ट्वीट कर उसे बाद में फिर डिलीट कर दिया था. उस ट्वीट में लिखा था, “भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मालदा में: बम और हथियार बनाने वाले उद्योग बंगाल में काफी प्रचलित हैं. जहां रबिन्द्र संगीत बचता था, वहीं बम धमाके हवा में गूंजते थे. भाजपा बंगाल की प्रतिष्ठा को वापस लेकर आएगी. एक नेता का एक सच्चा भाषण ऐसा ही होता है.”
इस मामले को लेकर ऑल्ट न्यूज़ के संस्थापक प्रतीक सिन्हा ने पड़ताल कर यह जाना कि ठीक यही ट्वीट भाजपा के पश्चिम बंगाल यूनिट ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से की थी. प्रतीक सिन्हा ने अपने एक ट्वीट में बताया, “जो ट्वीट एएनआई द्वारा डिलीट की गई उसे पहले @BJP4Bengal ने ट्वीट की थी, जिसे एएनआई ने हूबहू कॉपी किया था. एक न्यूज़ एजेंसी और एक राजनीतिक पार्टी के बीच अंतर कर पाना आजकल मुश्किल हो रहा है. भाजपा ने यह ट्वीट दोपहर 3 बजे किया था और एएनआई ने यह ट्वीट 3.05 पर किया था.”
The tweet that @ANI deleted was first tweeted by @BJP4Bengal which was copied word-to-word by ANI. Difficult to distinguish between the news agency and the political party these days. BJP tweeted at 3:00 pm, ANI tweeted at 3:05 pm. pic.twitter.com/PBbB9HEVZ2
— Pratik Sinha (@free_thinker) January 22, 2019
इस मामले को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी चुटकी लेते हुए अपने एक ट्वीट में कहा, “वाह स्मिता प्रकाश, आपका एएनआई भाजपा के ट्वीट को कॉपी करता है और उसे एक ख़बर की तरह प्रस्तुत करता है और आप मोदी के साथ स्क्रिप्टेड इंटरव्यू करने की बात का विरोध करती हैं?”
Wah @smitaprakash, your ANI copies tweets by @BJP4India and recycles them as news & you object to being called 'pliable' for doing a scripted interview with Modi?! https://t.co/tjUA3tfzEl
— Prashant Bhushan (@pbhushan1) January 22, 2019
ज्ञात हो कि एएनआई की संपादक स्मिता प्रकाश ने बीते 1 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक इंटरव्यू लिया था, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई थी. इस इंटरव्यू को कई लोगों ने स्क्रिप्टेड बताया.