योगी सरकार को लगी कोर्ट की फटकार, हाइकोर्ट ने कहा- लोकायुक्त को अपमानित कर रही है सरकार
लोकायुक्त को टाइप-।V श्रेणी का बंगला दिया गया था, लेकिन योगी सरकार ने बंगले का ग्रेड कम करते हुए उसे टाइप-V की श्रेणी में रख दिया.
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है. लोकायुक्त के बंगले की श्रेणी में छेड़छाड़ के मामले में कोर्ट ने कहा है कि सरकार लोकायुक्त को छोटा दिखाने या अपमानित करने की कोशिश कर रही है. इसके साथ ही कोर्ट ने लोकायुक्त के बंगले के संबंध में योगी सरकार द्वारा जारी नोटिस को भी ख़ारिज कर दिया है.
ग़ौरतलब है कि जनवरी 2016 में लोकायुक्त संजय मिश्रा को टाइप-।V बंगला दिया गया था. लेकिन, 2017 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद सरकार ने एक नोटिस जारी करते हुए लोकायुक्त के बंगले का ग्रेड कम करते हुए टाइप-V में कर दिया. लोकायुक्त ने सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
जनसत्ता की ख़बर के अनुसार इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा और रंजन रॉय के बेंच ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए सवाल किया कि क्या यह लोकायुक्त के बंगले का ग्रेड इसलिए घटाया गया क्योंकि लोकायुक्त अपने कर्तव्यों के प्रति संवेदनशील रहे? क्या यह लोकायुक्त को छोटा दिखाने या उनका अपमानित करने का प्रयास नहीं है. कोर्ट ने सवाल किया कि क्या राज्य सरकार को शोभा देता है कि वह लोकायुक्त के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाए.
ज्ञात हो कि भ्रष्टाचार के मामलों को देखने वाली संस्था लोकायुक्त राज्य के मुख्य न्यायाधीश के समकक्ष होती है. लेकिन योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद लोकायुक्त को रिटायर्ड नौकरशाहों की श्रेणी में रख दिया और जब इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई तो योगी सरकार की ओर से दलील पेश की गई कि लोकायुक्त रिटायर्ड नौकरशाहों के समकक्ष हैं. इसी बात पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाई है.