नोटबंदी से 13 दिन पहले टैक्स चोरी के गिरोहों के अड्डे ‘केमैन’ में डोभाल के बेटे ने बनाई थी कंपनी, अब उस देश से भारत में आ रहे बेइंतिहा पैसे
कई पत्रकारों ने इस पर सवाल उठाए हैं कि कहीं नोटबंदी से पहले नोट बाहर जाकर भारत तो नहीं आ गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी के बाद केमैन द्वीप से भारत आए रुपए की संख्या में काफी इज़ाफा हुआ है. साल 2017-18 के बीच भारत में आया पैसा 16 सालों में सबसे ज्यादा है. कई पत्रकारों ने इस पर सवाल उठाए है कि कहीं नोटबंदी से पहले नोट बाहर जाकर भारत तो नहीं आ गया.
गौरतलब है कि कारवां मैगजिन ने अजित डोभाल के बेटों का विदेश में चल रहे कारोबार पर एक विस्तृत रिपोर्ट की है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि डोभाल के बेटे काले को सफेद करने और भारत के पैसे को बाहर भेजने के कारोबाद करते हैं. उन्होंने नोटबंदी से 13 दिन पहले ही केमैन में एक फंड कंपनी खोली थी.
कारवां के कार्यकारी संपादक विनोद के. जोस ने ट्वीट कर लिखा कि मोदी सरकार की नोटबंदी के बाद केमैन द्वीप से भारत में आए धन का बड़ा विस्फोट हुआ. 2017-2018 में केमैन द्वीप से भारत में जो पैसा आया था, वह सदी के पहले 16 वर्षों में जो आया था, उससे ज्यादा है.
After Modi government’s demonetisation big explosion in money which came to India from the Cayman Islands. The money which came to India from Caymen Islands in 2017–2018 is more than the what came in the first 16 years of the century. https://t.co/OG8gxcQk4c pic.twitter.com/37QikjmzRU
— Vinod K. Jose (@vinodjose) January 16, 2019
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि आरबीआई के वार्षिक आंकड़ों के मुताबिक साल 2017 में केमन द्वीप से एफडीआई 2,226 प्रतिशत बढ़ा है, जो पिछले वित्त वर्ष में 49 मिलियन से बढ़कर 1,140 मिलियन डॉलर हो गया है.
Post demonetisation foreign direct investments from the Cayman Islands rose meteorically. Data from the RBI’s annual shows that FDI inflows from the Cayman Islands in 2017 shot up by 2,226 percent, rising to $1,140 million from $49 million in the previous financial year.
— Vinod K. Jose (@vinodjose) January 16, 2019
द कारवां की ख़बर के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का छोटा बेटा विवेक डोभाल केमैन द्वीप में एक डेज फंड चलाता है. वहीं विवेक डोभाल का कारोबार उनके बड़े भाई और भाजपा के राजनेता रह चुके शौर्य डोभाल द्वारा चलाए जाने वाले कारोबार से जुड़ा हुआ है.
बता दें कि 2011 में अजीत डोभाल ने रिपोर्ट लिखकर टैक्स सेवेंस और ऑफशोर संस्थाओं पर सख्त कार्रवाई की वकालत की थी. वहीं अब यह बात भी खुलकर सामने आ गई है कि उनका बेटा विवेक डोभाल ऐसे ही एक टैक्स हैवन से कारोबार चलाता है.