नासिक से दिल्ली पहुंचे किसान, अपने विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी में करेंगे प्रदर्शन और निकालेंगे रैली
पांच हज़ार से भी ज़्यादा संख्या में पुरुष-महिला किसान एआईकेएस स्पेशल ट्रेन से नासिक से दिल्ली पहुंचे हैं। इनमें से अधिकतर किसान नासिक के आदिवासी किसान हैं।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन और रैलियां निकालने के लिए किसान आज सुबह तड़के दिल्ली पहुंच गए। पांच हज़ार से भी ज़्यादा संख्या में पुरुष-महिला किसान एआईकेएस स्पेशल ट्रेन से नासिक से दिल्ली पहुंचे। इनमें से अधिकतर किसान नासिक के आदिवासी किसान हैं। इनमें से बड़ी संख्या उन किसानों की है जिन्होंने महाराष्ट्र राज्य किसान सभा (एआईकेएस) द्वारा आयोजित सात दिनों ( 6-12 मार्च, 2018) के लिए ऐतिहासिक किसान लॉन्ग मार्च में हिस्सा लिया था।
पांच सितंबर की रैली के लिए नासिक से दिल्ली तक विशेष ट्रेन बुक करने का विचार एआईएसके के पूर्व राज्य अध्यक्ष और नासिक ज़िले के कालवन-सुरगाना विधानसभा सीट से सीपीआई (एम) के सात बार और मौजूदा विधायक जेपी गावित ने दी थी।
इस विशेष ट्रेन की बुकिंग की कुल लागत 34 लाख रुपये है। इस भारी भरकम खर्च को पूरा करने के लिए, किसानों को रिटर्न यात्रा के लिए 700 रुपये प्रति व्यक्ति का योगदान करने के लिए अपील की गई थी। सुरगाना, कालवान, पेठ, डिंडोरी, चंदवाड़, त्र्यंबकेश्वर और अन्य तहसीलों के 5,000 से अधिक किसानों ने इस रैली को सफल बनाने के लिए बढ़-चढ़कर योगदान करते दिखें।
दिल्ली में आयोजित रैली को जेपी गावित के अलावा एआईकेएस राज्य कार्यालय के नील मालुसारे, सुभाष चौधरी, सवलराम पवार और इरफान शेख, कई एआईकेएस राज्य परिषद के सदस्य,डीवाईएफआई राज्य के उपाध्यक्ष इंद्रजीत गावित, डीवाईएफआई के पूर्व राज्य अध्यक्ष विजय पाटिल, अध्यक्ष सुरगाना पंचायत समिति सुवर्ण गंगोड और कई अन्य रैलीवादी नेतृत्व प्रदान करेंगे।