केंद्र ने बढ़ाई नागालैंड में 6 महीनों के लिए अफस्पा की अवधि
विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं संगठनों द्वारा अफस्पा को उत्तर पूर्वी भारत एवं जम्मू कश्मीर से रद्द किये जाने की मांग के बावजूद यह फैसला लिया गया
केंद्र सरकार ने सोमवार को सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम को नागालैंड में 6 महीनों के लिए बढ़ा दी है. यह कानून अब जुलाई तक क्षेत्र में प्रभावी रहेगा. ऐसा करने के पीछे केंद्र ने राज्य में व्याप्त अशांति एवं ख़तरनाक हालातों को बताया.
इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक़ एक सरकारी बयान में बताया गया, “केंद्र सरकार पूरे राज्य को 5 महीनों के लिए एक अशांत प्रदेश घोषित करती है जिसकी शुरुआत 30 दिसम्बर से होगी.” गौरतलब है कि विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं संगठनों द्वारा अफस्पा को उत्तर पूर्वी भारत एवं जम्मू कश्मीर से रद्द किये जाने की मांग के बावजूद यह फैसला लिया गया है.
ज्ञात हो कि अफस्पा नागालैंड में बीते 3 दशकों से प्रभाव में है. अफस्पा को नागा विद्रोही समूह एनएससीएन-आईएम के महासचिव और सरकार की तरफ से वार्ताकार रहे आरएन रवि द्वारा हस्ताक्षरित फ्रेमवर्क समझौते के बावजूद नहीं हटाया गया. यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ था.
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अंडमान-निकोबार के तीन द्वीपों का नाम बदल दिए जाने के एक दिन बाद सरकार ने पोर्ट ब्लेयर हवाई अड्डे को अधिकृत इमीग्रेशन चेक पोस्ट के रूप में निर्दिष्ट किया है.