ADR सर्वे: राष्ट्रवाद नहीं, रोज़गार, खेती और अस्पताल है चुनावी मुद्दा, इन मुद्दों पर फिसड्डी रही है मोदी सरकार
इस सर्वे में पंजाब के 13 लोकसभा क्षेत्रों के करीब 6500 लोगों ने भाग लिया.
हाल ही में कराए गए एक सर्वे में पता चला है कि पंजाब के वोटरों के लिए राष्ट्रवाद की बजाय रोज़गार, आसान कृषि लोन, फसलों के सही दाम और खाद-बीज पर मिलने वाली सब्सिडी बड़ा चुनावी मुद्दा है. 2018 की एसोशियशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) सर्वे के मुताबिक सरकार इन तीनों मोर्चे पर फ़ेल रही है.
एडीआर ने अपने सर्वे में दस तरह के विकल्प रखे थे, जिनमें लोगों ने उपरोक्त तीन को अपने लिए मुद्दा माना. पंजाब में 51.70 प्रतिशत लोग रोज़गार की बेहतर संभावना को चुनावी मुद्दा मानते हैं, वही कृषि लोन की उपलब्धता को 33.85 प्रतिशत तथा कृषि के बेहतर साधन मुहैया कराने को 31.39 प्रतिशत लोग अपना चुनावी मुद्दा मानते हैं.
इस सर्वे में हिस्सा लेने वाले लोगों ने मोदी सरकार के कामों की रेटिंग भी की. बेहतर रोज़गार की संभावना के मुद्दे पर लोगों ने मोदी सरकार को 5 में से औसत 1.97 स्टार दिए. कृषि लोन की उपलब्धता के मुद्दे पर लोगों ने मोदी सरकार को 1.82 स्टार दिए, जबकि फ़सलों के उचित दाम के मुद्दे पर मोदी सरकार को 5 में से 1.85 स्टार मिले.
ग्रामीण वोटरों के लिए
पंजाब के 60 फ़ीसदी ग्रामीण लोग कृषि लोन को चुनावी मुद्दा मानते हैं. फसलों के सही दाम 55 प्रतिशत ग्रामीणों के लिए चुनावी मुद्दा है, जबकि बीज और खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को 49 प्रतिशत लोग चुनावी मुद्दा मानते हैं.
इन तीनों मुद्दे पर सरकार का प्रदर्शन औसत से भी कम रहा है. कृषि लोन की उपलब्धता के मुद्दे पर सरकार को 5 में से 1.82 अंक मिले हैं. फ़सलों के सही दाम के मुद्दे पर सरकार को 5 में से 1.85 अंक मिले जबकि कृषि सब्सिडी के मुद्दे पर 5 में से 1.96 अंक मिले हैं.
खेती के लिए पानी की उपलब्धता और रोज़गार की संभावना के मुद्दे पर भी सरकार का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है.
शहरी वोटरों के लिए
पंजाब के 57 प्रतिशत शहरी वोटर रोज़गार को चुनावी मुद्दा मानते हैं. बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और अस्पतालों की उपलब्धता को को 49 प्रतिशत लोग चुनावी मुद्दा मानते हैं जबकि 45 प्रतिशत लोग वायु और जल प्रदूषण को चुनावी मुद्दा मानते हैं.
यहां भी सरकार का प्रदर्शन बुरा रहा है. रोज़गार के मुद्दे पर शहरी वोटर सरकार को 5 में से 2.02 अंक देते हैं, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए 2.0 तथा वायु और जल प्रदूषण के लिए सरकार को 5 में से 1.82 अंक मिले हैं.
शहरी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम पर नियंत्रण करने और बेहतर सड़क सुविधा देने के मामले में भी सरकार फिसड्डी रही है.
इस सर्वे में पंजाब के 13 लोकसभा क्षेत्रों के करीब 6500 लोगों ने भाग लिया. पंजाब में अंतिम चरण यानी 19 मई को मतदान होने वाले हैं.