दिल्ली विश्वविद्यालय :अध्यक्ष पद की कमान संभालने पहुंच गए छात्रसंघ उपाध्यक्ष, NSUI बोली- अदालत की अवमानना है
पूर्व अध्यक्ष एवं एबीवीपी सदस्य अन्किव बैसोया ने कथित तौर पर फ़र्ज़ी डिग्री जमा कर विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की मनमानी देखने को मिली है. अध्यक्ष अंकिव बैसोया की डिग्री फ़र्ज़ी पाए जाने के बाद यह मामला कोर्ट में लंबित है, लेकिन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया के आरोपों के मुताबिक एबीवीपी के शक्ति सिंह अध्यक्ष पद संभालने के लिए छात्रसंघ कार्यालय पहुंच गए.
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष का मामला कोर्ट में लंबित है ऐसे में छात्र संघ उपाध्यक्ष शक्ति सिंह द्वारा अध्यक्ष का पद संभाल लेना अदालत की अवमानना है.
द हिन्दू की एक ख़बर के मुताबिक़ बीते मंगलवार को उच्च न्यायालय ने एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार सनी छिल्लर की याचिका को रद्द कर दिया, जिसमें उन्होंने डूसू के पूर्व अध्यक्ष अन्किव बैसोया के चुनाव को चुनौती दी थी.
ज्ञात हो कि अन्किव बैसोया ने कथित तौर पर फ़र्ज़ी डिग्री जमा कर विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था. दिल्ली यूनिवर्सिटी ने फ़र्ज़ी डिग्री विवाद के बाद विश्वविद्यालय से बैसोया का दाखिला रद्द कर दिया है.
एबीवीपी ने इस मामले में लिंग्दोह कमिटी के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा, “अदालत ने दुबारा चुनाव करने से मना कर दिया है, जिसका मतलब है कि शक्ति सिंह ही अब अध्यक्ष होंगे. वो मंगलवार को कार्यालय में दाखिल हुए और उन्होंने बतौर अध्यक्ष कार्यभार संभाल लिया है.”
लिंग्डोह कमिटी के निर्देशों में कहा गया है कि “चुनाव के 2 महीनों के अन्दर कार्यालय में किसी महत्वपूर्ण पदाधिकारी का पद खाली हो तो पुनः चुनाव किए जायेंगे. चुनाव नहीं होने की स्थिति में उपाध्यक्ष को ही अध्यक्ष बना दिया जाएगा.”
एनएसयूआई का आरोप है कि सिंह अपने आदमियों के साथ कार्यालय में ज़बरदस्ती ताला तोड़कर घुस आए और उनके साथियों ने वहां तैनात गार्ड्स के साथ हाथापाई भी की.