मोदी जी का नए साल का पहला झूठ- 2018 तक हर घर बिजली पहुंच गई, सच्चाई-10 लाख से ज़्यादा घरों को अब भी रोशनी का इंतज़ार
देश के चार राज्यों में 10 लाख से ज़्यादा परिवार अब भी बिजली का इंतजार कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए साल का पहला झूठ बोला है. आज दिए इन्टरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने 2018 तक हर घर बिजली पहुंचा दी है. जबकि सच्चाई ये है कि केंद्र सरकार हर घर रोशन करने का लक्ष्य पूरा करने में सफल नहीं हो पाई है. देश के चार राज्यों में 10 लाख से ज्यादा परिवार अब भी बिजली का इंतजार कर रहे हैं. देश के हर कोने में बिजली पहुंचाने में मोदी सरकार कामयाब नहीं हो पाई.
जनसत्ता की ख़बर के अनुसार प्रेस सूचना ब्यूरो ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की है. देश के 25 राज्यों में 2.39 करोड़ घरों में बिजली कनेक्शन देने का दावा करने के बाद भी 10.5 लाख परिवार बिजली कनेक्शन से दूर हैं. बिजली मंत्री आ.र के सिंह ने नवंबर के अंत में कहा था कि सरकार 31 दिसंबर तक हर घर में बिजली पहुंचाने के लक्ष्य पूरा कर लेगी.
ग़ौरतलब है कि साल 2014 में सत्ता मे आने के बाद मोदी सरकार ने 2018 के आखिर तक ग्रामीण इलाकों के हर घर में बिजली मुहैया कराने का टारगेट तय किया था. लेकिन यह लक्ष्य समय-समय पर बदलता रहा है.
बीते सोमवार को सरकार की ओर से दिए गए बयान में कहा गया कि असम, राजस्थान, मेघायल और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में हर घर में बिजली पहुंचाना अभी बाकी है. मंत्रालय ने कहा कि इस लक्ष्य को जल्द हासिल करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि सरकार की ओर से बिजली पहुंचाने के लिए निर्धारित लक्ष्य 31 दिसंबर का उल्लेख नहीं किया.