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फ़ेक न्यूज़ः जयपुर में मस्जिद पर पथराव का पुराना विडियो हरियाणा में मंदिर पर हमला बताकर वायरल

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल

सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो, जिसमें मुस्लिम समुदाय की टोपी पहने हुए लोगों को किसी स्थान पर पत्थरबाज़ी करते हुए देखा जा सकता है, यह जगह किसी धार्मिक स्थान जैसा दिखाई दे रहा है। इस वीडियो को, एक दावे के साथ साझा किया गया है कि मुस्लिम समुदाय के लोग हरियाणा के फरीदाबाद के अटाली गांव में एक मंदिर पर हमला कर रहे हैं। साझा किए गए संदेश में लिखा है,“कल शाम को अटाली गांव फरीदाबाद में शांतिप्रिय मुस्लिम लोगो द्वारा मंदिर में कीर्तन कर रही महिलाओं पर पथराव। एक जागरूक महिला ने वीडियो बनाया जो की पूरे हिंदुस्तान में फेल चूका है। किसी न्यूज़ चॅनेल पे ये नहीं दिखाया जाएगा”

https://twitter.com/Satynistha/status/1147797734134468608

यह वीडियो 2015 से साझा किया जा रहा है। अजित त्रिपाठी नामक यूज़र ने इसे पोस्ट किया था, जिसे करीब 24,000 बार शेयर और 6 लाख बार देखा जा चूका है।

https://www.facebook.com/ajit.tripathi.98/videos/591705210970511/

यह वीडियो व्यापक रूप से सोशल मीडिया में समान दावे से वायरल है।

इसी वीडियो को एक अन्य संदेश,“आजकल ये डरे हुए सुवर के पिल्ले कहीं शिवलिंग पर पेशाब कर रहे हैं, कहीं मंदिर तोड़ रहे हैं अब देखिए फरीदाबाद में मंदिर में पूजा कर रहे लोगों पर पथराव कर रहे हैं…जल्दी इनकी पहचान करवा कर इन्हें scholorship दिलवाइये और IAS बनवाइयेयही हैं डूबते भारत का भविष्य” के साथ पोस्ट किया गया है”

यह वीडियो विभिन्न दावों के साथ वायरल है। कुछ दावों में हमला करने वालों को मुस्लिम समुदाय का बताया गया है और यूट्यूबपर अपलोड किए गए एक वीडियो में इस हमले को फरीदाबाद के अटाली में एक गुरूद्वारे का बताया गया है।

कई लोगों ने ऑल्ट न्यूज़ से इस वीडियो के साथ किये गये दावे की पुष्टि करने के लिए अनुरोध किया है, कि क्या फरीदाबाद में मुस्लिमों द्वारा मंदिर पर हमला किया गया।

 

हरियाणा का मंदिर नहीं, राजस्थान की मस्जिद है

  • ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि सोशल मीडिया के दावे के मुताबिक यह वीडियो हरियाणा के फरीदाबाद का नहीं बल्कि राजस्थान के जयपुर का है।
  • इसके अलावा वीडियो में दिखाई गई घटना 2015 में हुई थी।
  • एक ट्वीट पर किए गए कमेंट बॉक्स को देखते वक़्त हमें एक कमेंट मिला, जिसमें इस घटना को जयपुर का बताया गया है।

इसके अतिरिक्त, ईमारत की रचना को ध्यानपूर्वक देखने पर यह मस्जिद मालूम होती है ना कि मंदिर।

संकेतों के मुताबिक, ऑल्ट न्यूज़ ने गूगल मैप्स पर जयपुर की मस्जिदों की तस्वीरों के बारे में सर्च किया। हमने पाया कि वीडियो में दिखाई दे रही ईमारत जयपुर के सांगानेर के कागजी कॉलोनी में स्थित जामा मस्जिद से मिलती है।

तब हमने जामा मस्जिद की तस्वीरों की तुलना वीडियो में देखी गई इमारत से की। दृश्यों से की गई तुलना को नीचे लेख में शामिल किया गया है, जिसमें बाईं ओर की तस्वीरें वायरल वीडियो की है और दायीं ओर की तस्वीरें गूगल मैप पर से ली गई जामा मस्जिद की है।

1. मस्जिद का मुख्य द्वार

2. मुख्य द्वार का डिजाइन और गेट से ठीक पहले की चार सीढ़ियां

3. मुख्य द्वार के ठीक ऊपर तीन शंकु आकर के मुकुट

हमे जुलाई 2015 में प्रिंस अहान द्वारा किया गया एक फेसबुक पोस्ट मिला, जिसमें बताया गया है कि यह पत्थरबाज़ी जयपुर के सांगानेर की मस्जिद पर हुई थी। उन्होंने दावा किया कि बरेलवी समुदाय के लोगों ने तब्लीगी जमात की पूजा के स्थान पर हमला किया।

https://www.facebook.com/yousuf.khan.7549185/videos/708253639304297/

ऑल्ट न्यूज़ ने 25 वर्षीय मोहम्मद शहीद रज़ा, जो उसी मोहल्ले में रहते हैं, उनसे संपर्क किया, जिन्होंने बताया, “सोशल मीडिया पर जिस जगह का वीडियो वायरल हो रहा है वो जगह मेरे घर से कुछ मिनटों की दूरी पर ही है। यह घटना 2015 के आसपास हुई थी जब मुस्लिम समुदाय के लड़कों में झगड़ा हुआ था। अब जिस दावे से वीडियो को साझा किए गया है वह झूठा है”। हमने एक और स्थानीय से भी बात की, जिन्होंने भी इसी बात की पुष्टि की है।

जयपुर में मस्जिद पर पथराव के एक पुराने वीडियो को सोशल मीडिया में गलत दावे से साझा किया गया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फरीदाबाद के अटाली में एक मंदिर पर उस समय हमला किया जब महिलाये अंदर भजन कीर्तन कर रही थीं।

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