“शक्ति का घोर दुरुपयोग”: राज्यसभा सांसदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह के आवास पर छापेमारी के ख़िलाफ़ जारी किया बयान
राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए की सरकार से अनुरोध किया है कि इस तरह के डराने वाले और जबर्दस्ती करने वाले काम बंद करें.
राज्यसभा के कई सांसदों, देश के जाने माने 191 अकादमिक विद्वानों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता इंदिरा जयसिंह के आवास और कार्यालय पर सीबीआई की छापेमारी की निंदा की है. 11 जुलाई को सीबीआई ने वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह और उनके पति आनंद ग्रोवर के आवास और कार्यालय पर छापेमारी की थी.
इसी साल जून महीने में सीबीआई ने इंदिरा जयसिंह और उनके पति द्वारा संचालित एनजीओ लॉयर्स कलेक्टिव के ऊपर कथित तौर पर विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन करने को लेकर एफ़आईआर दर्ज कराया था. इसके बाद अमित शाह के अधीन आने वाले गृह मंत्रालय ने इस एनजीओ का एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था.
पहले वक्तव्य में राज्यसभा के 20 से अधिक सांसदों ने लॉयर्स कलेक्टिव एनजीओ द्वारा मानवाधिकार के क्षेत्र में किए गए कामों की सराहना की है तथा सीबीआई की छापेमारी को शक्ति का ग़लत इस्तेमाल बताया है. राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए की सरकार से अनुरोध किया है कि इस तरह के डराने वाले और जबर्दस्ती करने वाले काम बंद करें.

वक्तव्य जारी करने वाले राज्यसभा सांसदों के नाम इस प्रकार हैं: डॉ. कंवर दीप सिंह (तृणमूल कांग्रेस), रवि प्रकाश शर्मा (सपा), प्रो. जगन चौधरी (तृणमूल कांग्रेस), सांता छेत्री (तृणमूल कांग्रेस), जयराम रमेश (कांग्रेस), छाया वर्मा (कांग्रेस), विनॉय विस्वम (सीपीआई), डॉ एल हनुमनथैया (कांग्रेस), जी. सी चंद्रशेखर (कांग्रेस), एलामरम करीम (सीपीआई एम), कनकमेडला रवीन्द्र कुमार (टीडीपी), के सोमाप्रसाद (सीपीआई एम), विशम्भर प्रसाद निषाद (सपा), चौधरी सुखराम सिंह यादव (सपा), कपिल सिब्बल (कांग्रेस), जया बच्चन (सपा), डॉ शांतनु सेन (तृणमूल कांग्रेस), आनंद शर्मा (कांग्रेस), के के रागेश (सीपीआई एम), अहमद हसन, डॉ. टी सुब्बारामी रेड्डी (कांग्रेस), सरोजिनी हेम्बराम (बीजद), डी राजा (सीपीआई), टीके रंगराजन (सीपीआई एम), सतीश चंद्र मिश्रा (बसपा), संजय सिंह (आम आदमी पार्टी), सुशील कुमार गुप्ता (आम आदमी पार्टी), पी चिदंबरम (कांग्रेस), नारायण दास गुप्ता (आम आदमी पार्टी).
अकादमिक जगत के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का पूरा वक्तव्य:
हम, अधोहस्ताक्षरित लोग, आज सुबह सीबीआई द्वारा वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर के आवास और कार्यालय पर छापेमारी की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हैं. इस छापेमारी को दिल्ली और मुंबई दोनों शहरों में किया गया. इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर के ऊपर लंबे समय से चल रहे बदले की कार्रवाई की अगली कड़ी के रूप में यह छापेमारी की गई है. मानवाधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले इन दोनों अधिवक्ताओं के एनजीओ लॉयर्स कलेक्टिव पर एफसीआरए के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी इन्होंने जांच में अधिकारियों का पूरा सहयोग किया है. जांच में सहयोग के बावजूद भी की गई आज की छापेमारी अचंभित करने वाली है.
लॉयर्स कलेक्टिव एनजीओ पर बदले की कार्रवाई की शुरुआत 2016 में हुई, जब इस एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया गया. इसके बाद सरकार के इस फैसले को बांबे उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई. यह मामला अभी उच्च न्यायालय में पेंडिंग है. बीते 13 जून को सीबीआई ने आईपीसी के तहत आपराधिक षड्यंत्र, विश्वास का आपराधिक उल्लंघन, धोखाधड़ी, घोषणापत्र में ग़लत दावे सहित एफसीआरए के कई मामले में एफ़आईआर दर्ज कराया.
लॉयर्स कलेक्टिव नई दिल्ली स्थित एक मानवाधिकार संगठन है. इसका पंजीकृत कार्यालय मुंबई में है और इसे जानेमाने मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर ने शुरू किया था. मिसेज जयसिंह और मि. ग्रोवर वरिष्ठ वकील रहे हैं और जनसेवा के क्षेत्र में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है.
इंदिरा जयसिंह बॉम्बे हाइकोर्ट द्वारा मानी गईं पहली महिला वरिष्ठ वकील थीं. 2009 में इंदिरा जयसिंह देश की पहली एडिशनल सोलिसिटर जनरल बनीं. 2009 से 2012 के बीच इंदिरा जयसिंह संयुक्त राष्ट्र की एक कमेटी की सदस्य भी रही हैं, जिसका काम महिलाओं के ख़िलाफ़ भेदभाव को रोकना था. उन्हें 2005 में पद्दश्री पुरस्कार से नवाजा गया था. इसके साथ ही उन्हें रोटरी मानव सेवा अवार्ड भी प्राप्त है. आनंद ग्रोवर 2008 से 2014 के बीच संयुक्त राष्ट्र में स्वास्थ्य का अधिकार को लेकर विशेष दूत रहे हैं.
देश में एचआईवी/एड्स को लेकर चलाए जा रहे अभियान को लॉयर्स कलेक्टिव के गंभीर प्रयासों ने विकसित किया है. अपने एनजीओ के द्वारा इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर ने भारतीय समाज के सबसे पिछड़े समाज और बच्चों के अधिकारों की लड़ाई भी लड़ी है. कई मौकों पर इन्होंने सरकार द्वारा बनाई गई असंवैधानिक और जन विरोधी नीतियों को न्यायालय में चुनौती भी दी है.
एक नागरिक के तौर पर हम अनुरोध करते हैं कि-
- बदले की भावना से आनंद ग्रोवर, इंदिरा जयसिंह और लॉयर्स कलेक्टिव को प्रताड़ित करने वाले कदम पर जल्द से जल्द रोक लगाई जाए.
- बॉम्बे हाइकोर्ट का फैसला आने तक लॉर्यर्स कलेक्टिव के ऊपर लगाए गए आपराधिक चार्ज को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए.
- देश के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ऊपर कानून और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने पर रोक लगे.
- भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को इस मामले पर ध्यान देते हुए मानवाधिकार संरक्षण कानून 1993 के तहत उचित कार्रवाई करनी चाहिए. मानवाधिकार संरक्षण कानून के 12 (d) के तहत एफसीआरए कानून का रिव्यू भी करना चाहिए.
हस्ताक्षरकर्ता:
- ए.जे. विजयन
- अबन रज़ा
- अभिलाषा कुमारी
- अबिनाश डीसी
- अबीर दासगुप्ता
- अब्राहम. पी.सी
- आदित्य मुखर्जी
- आदित्य श्रीवास्तव
- अहमर रज़ा
- अखिल चौधरी
- अमल सैंडी
- अमर फारूकी
- अमिता जोसेफ
- अमित सूदन चक्रवर्ती
- अमिय कुमार बागची
- अमरीन मुराद
- आनंद के. सहाय
- अनन्या बसु
- अनिल भट्टी
- अनिल चंद्रा
- अनिल चंद्रा
- अनिल कर्ण, जबलपुर
- अनिल सदगोपाल
- अनिल वर्गीस
- अनिल वर्गीस
- अंजलि भारद्वाज
- अनोमिता सेन
- अंतरा देव सेन
- अनु चेनॉय
- अनुराधा कल्हण
- अनुराधा कपूर
- एक्विल खान
- अर्चना प्रसाद
- अर्जुन देव
- अर्जुन श्योराण
- अर्पणा कौर
- अरुणा बुरते
- अरुणा ज्ञानदासन
- अरुंधति ध्रुव
- अरुणकुमार एच.जी
- अरविंद अब्राहम
- असगर वजाहत
- आशीष कोठारी
- राखलिन मैथ्यू
- अस्मिता आसावरी
- आस्था बंबा
- आतिफ जंग
- एटलरी मुरली
- अविक कुमार मैत्रा
- आयशा किदवई
- आयशा किदवई
- बद्री रैना
- भानुमति राव
- भारत
- भारती अली
- बिकास देब
- बिराज पटनायक
- बिटू के
- बोबजी कुरियन
- ब्रिनेल डीसूज़ा
- सीपी भांबरी
- सीपी चंद्रशेखर
- चंचल चौहान
- चिरश्री दास गुप्ता
- चित्रा माथुर
- डीएन झा
- देविका दौलेत-सिंह
- दीवान रितु
- दिनेश अबरोल
- एस्टेले देसाई
- फौज़िया शकील
- फिदेल सेबस्टियन
- फिरोज मिथिबोरवाला
- जी. अरुणिमा
- गार्गी चक्रवर्ती
- गौतम मोदी
- गीता कपूर
- गीता मेनन
- गीता सेशु
- गीता मेहरा
- गीता हरिहरन
- बृजेश दिनकर
- हमीदा वसनवाला
- हरीश अय्यर
- हसीना खान
- हिमुश चोपड़ा
- होजेफ़ा उज्जैनी
- इंदिरा अर्जुन देव
- इंदिरा चंद्रशेखर
- इंद्राणी मजूमदार
- इख्तियार आलम खान
- इरा भास्कर
- इरफान हबीब
- जैकब थारू
- जहार कानूनगो
- जावेद आनंद
- जावेद मलिक
- जवारी मल पारख
- जयति घोष
- जहांगीर असगर जाणी
- झुमा सेन
- जो अथियाली
- जॉन चेरियन
- जोसेफ मथाई
- ज्योती एसजे
- ज्योत्सना धवन
- के.एल. टुटेजा
- के.एम. श्रीमाली
- के. सुधा
- के.एम. श्रीमाली
- कबी शर्मन
- कैलाश मीणा
- कल्पलता दत्ता
- कल्याणी मेनन-सेन
- कमल चेनॉय
- कामिनी तन्खा
- कविता श्रीवास्तव
- खैरुन्निशा पठान
- कुमार शाहनी
- कुमकुम संगरी
- लक्ष्मी कृष्णमूर्ति
- लता सिंह
- लतिफा हाजिफ़
- लीमा कानूनगो
- एम.ए. खालिद
- एम.के. रैना
- एम.एम.पी. सिंह
- माज़ बिन बिलाल
- मदनगोपाल सिंह
- मधु प्रसाद
- मधुर भारतीय
- मधुश्री दत्ता
- मालबिका मजूमदार
- मल्लिकार्जुन शर्मा
- मालती गुप्ता
- ममता दास
- ममता सिंह
- मंगला वर्मा
- मनीष पुरोहित
- मंजू
- मारिया डी’ कुन्हा
- मरोना मुर्मू
- मैरी ई जॉन
- मौलश्री पाठक
- मौसमी चेतिया
- माया ़जॉन
- माया कृष्णा राव
- मीरा सैमसन
- मीरा संघमित्रा
- मिहिर देसाई
- मीमांसा सहाय
- मिनी मैथ्यू
- मिठू सैन
- मोहम्मद मंसूर आलम
- मोहन कटारकी
- मोहन राव
- मोल्योश्री हाशमी
- मोनिका चांडी
- मुकुट लोचन कलिता
- एन.के. शर्मा
- नदीम रिजवी
- नंदन मालुस्ते
- नंदिता गांधी
- नंदिता शाह
- नरजिस नवाब
- नवजोत अल्ताफ
- नवतेज जोहर
- नीलाद्रि भट्टाचार्य
- नीरज मलिक
- निलिमा शेख
- नीना राव
- नीती सक्सेना
- नितिन सेठी
- निवेदिता मेनन
- निवेदिता सक्सेना
- नोएला डी सूजा
- नूपुर चौधरी
- पी. चंद्रमोहन
- पी. नंदी
- पी.के. शुक्ला
- पामेला फिलिप
- पारिजात भारद्वाज
- पार्थिव शाह
- प्रभात पटनायक
- प्रबीर पुरकायस्थ
- प्राची लोहिया
- प्रदीप नारायणन
- प्रवीण झा
- प्रिया पी
- पीटी जॉर्ज
- पुलिन नायक