दक्षिणपंथी हर देश में एक समानः अमेरिकी वेबसाइट ने ZEE न्यूज़ के एंकर सुधीर चौधरी के झूठ का किया भंडाफोड़
सुधीर चौधरी ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर अमेरिकी लेखक मार्टिन लॉन्गमैन का लेख चोरी करने का आरोप लगाया था.
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने ज़ी न्यूज़ के एंकर व संपादक सुधीर चौधरी के ख़िलाफ़ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया था.
दरअसल, सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में भाजपा सरकार पर निशाने साधते हुए भाषण दिया था. उन्होंने भाषण में फासीवाद के शुरुआती सात संकेतों को ज़िक्र किया था. जिसे लेकर ज़ी न्यूज़ के एंकर सुधीर चौधरी ने महुआ मोइत्रा पर अमेरिकी लेखक मार्टिन लॉन्गमैन का लेख चोरी करने का आरोप लगाया था. जो अब झूठा साबित हो गया है.
लॉन्गमैन ने साल 2017 में फासीवाद के शुरुआती 12 संकेतों के बारे में लिखा था.
ग़ौरतलब है कि, सुधीर चौधरी का यह आरोप पूरी तरह से झूठा साबित हुआ है. अमेरिकी वेबसाइट वाशिंगटन मंथली ने सुधीर चौधरी के इन आरोपों को गलत बताया और महुआ के पक्ष लिया है.
लॉन्गमैन ने कहा, “मैंने महुआ के भाषण को कई बार सुना है. 2017 में संयुक्त राज्य अमेरिका के हॉलोकॉस्ट मेमोरियल संग्रहालय ने अपनी लॉबी में एक पोस्टर लगाया. इसमें शुरुआती फासीवाद के सभी संकेतों की एक सूची थी. सात चिन्हों में से प्रत्येक जो मैंने इंगित किया है, उस पोस्टर में लगाए गए थे.”
लॉन्गमैन ने कहा, “महुआ वहीं गलती कर रही थी. जो मैंने की थी. वह पोस्टर को आधिकारिक रूप से मोहर दे रही थी, जिसके योग्य वह पोस्टर नहीं था. इसे संग्रहालय में एक प्रदर्शनी के हिस्से के रूप में लगाया गया था. निःसंदेह यह एक निर्दोष रूप से की गई गलती थी. जैसा कि मेरे मामले में हुआ था.”
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह संभव हो कि मेरी गलती इसके लिए ज़िम्मेदार है. हम में से किसी ने भी लारेंस ब्रिट को उचित श्रेय नहीं दिया. मुझे ऐसा लगता है कि यह स्पष्ट नहीं है कि हमने ऐसा क्यों नहीं किया. फिर भी एक बात स्पष्ट थी. उन्होंने (महुआ मोइत्रा) ने वह नहीं किया, जो करने का आरोप उनपर लगया गया था. जो मेरे काम को कमजोर कर रहा था.”
You identify yourself as a scientist, Mr. Chauthaiwale, but as the author of the piece I cannot agree that it was plagiarized in Mahua Moitra's speech. She may have taken inspiration from it, but she may have just had the same idea. Either way, she didn't steal from me.
— Martin Longman (@BooMan23) July 2, 2019
अमेरिकी लेखक ने कहा है कि, सुधीर चौधरी नामक एक व्यक्ति ने सांसद पर साहित्यिक चोरी करने का आरोप लगाया है. वह मोदी समर्थक न्यूज़ चैनल ज़ी न्यूज़ के प्रधान संपादक है. जो भारत की फॉक्स न्यूज़ की तरह है.
उन्होंने आगे कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि सुधीर चौधरी सीन हॉनिटी और टकर कार्लसन का एक विश्वसनीय संस्करण था और मैं इस तरह की सस्ती पत्रकारिता से काफी परिचित हूं. मुझे यह भी एहसास हुआ कि भारत में इस तरह के बदमाशों द्वारा अनावश्यक रूप से मेरे सम्मान की रक्षा की जा रही है और एक ट्रोल सेना उनके झूठे आरोपों को फैला रही थी. इन दोनों ने मुझे नाराज और खुश किया. मैंने इसपर एक ट्वीट किया है जो शायद अधिक संयम से लिखा होता यदि मुझे यह एहसास होता कि यह दुनिया भर में वायरल होगा.”
महुआ के पक्ष में बोलते हुए उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मैं भारत के सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध हूं. क्योंकि, एक नेता पर झूठा आरोप लगाया गया है कि उसने मेरे काम की साहित्यिक चोरी की है. ये थोड़ा मजाकिया है लेकिन दक्षिणपंथी हर देश में एक जैसे ही होते हैं.”
I’m internet famous in India because a politician is being falsely accused of plagiarizing me. It’s kind of funny, but right-wing assholes seem to be similar in every country.
— Martin Longman (@BooMan23) July 2, 2019
इसके आगे लॉन्गमैन ने कहा कि, मुझे पता है कि मेरी मां को मेरे द्वारा बोले गए शब्दों पर गर्व नहीं है और मैं इसके लिए उनसे माफी मांगता हूं. लेकिन, मैंने जो कहा मैं अब भी उस पर अटल हूं.
इसके साथ ही मार्टिन लॉन्गमैन ने सुधीर चौधरी की तुलना संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिणपंथी लोगों से करते हुए कहा कि दक्षिणपंथी सरकार द्वारा चुने पत्रकार लोगों पर गलत आरोप लगाकर उन्हें विचलित करने की कोशिश करते हैं. जो ट्रोल सेना द्वारा दूर-दूर तक शेयर किए जाते हैं.
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