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नहीं, भारत के किसी अनाथाश्रम में महिला ने नहीं की बच्चों की पिटाई; तुर्की का वीडियो वायरल

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल.

“इस वीडियो में जो लेडीज है यह शायद हो सकता है की भारत मे कोई अनाथ आश्रम चला रही हो और इसकी आड़ मे यह खूब धन भी बटोर रही हो,इसने बच्चो के साथ जो किया है। इस विडियो को पुरे भारत मे फेलाओ शायद इसे कोई पहचान ले और इसको सजा मिल सके उन बेचारे छोटे बच्चो की दुआ लगेगी”। – इस संदेश के साथ एक वीडियो को सोशल मीडिया में बड़े पैमाने पर साझा किया जा रहा है।

अपने “भारत” से प्यार करने वाले इस पेज को “Like” करें नाम के एक फेसबुक पेज ने इस वीडियो को पोस्ट किया है।

इस वीडियो को फेसबुक पर कई व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं द्वारा भी साझा किया जा रहा है।

इसके अलावा यह वीडियो ट्विटर पर भी वायरल है। हालांकि ट्विटर पर दिख रहा वीडियो, फेसबुक में वायरल हो रहे वीडियो से अलग है, लेकिन दोनों वीडियो में पीछे दिख रहा बैकग्राउंड समान है। साथ ही दोनों वीडियो में दिख रही महिला में भी काफी समानताएं दिख रही है।

इस वीडियो को प्रसिद्ध लेखक तारेक़ फ़तह ने भी ट्विटर पर इस संदेश से साझा किया है, “जब कम उम्र में किसी लड़की की शादी उससे काफी बड़ी उम्र के व्यक्ति के साथ हो जाये तो वह माँ अपने बच्चो को बोझ समझती है, ना की ख़ुशी से भरे तौह्फे”।- (अनुवाद)

https://twitter.com/TarekFatah/status/1129100984930713600?

आखिर वीडियो के पीछे का सच क्या है?

ऑल्ट न्यूज़ ने जब इस वायरल वीडियो को इनवीड के ज़रिये कीफ्रेम में तोड़ कर, इन कीफ्रेम को यांडेक्स पर रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें इस घटना से जुड़े हुए कई वेबसाइट के लेख मिले, जिसमें यह लिखा गया है कि यह घटना केसेरी शहर, तुर्की की है। istiklal  के मुताबिक, ‘केसेरी शहर में एक सौतेली माँ अपने 2 बच्चों को पिता की गैरहाजरी में बड़ी बेरहमी से मारा करती थी, जिसके बाद पड़ोसियों की शिकायत पर पिता ने घर में CCTV कैमरा लगाया और यह पूरी घटना सामने आयी’।- (अनुवाद)

इसके अलावा इस घटना के बारे में कई अन्य वेबसाइट जैसे www.karar.com और www.haberinadresi.com ने भी लेख प्रकाशित किया है। एबीपी न्यूज़  चैनल ने भी इस वीडियो को 2017 में अपने प्रोग्राम ‘वायरल सच’ में दिखाया था। हालांकि इस वीडियो के बारे में न्यूज़ चैनल ने कोई भी जानकारी नहीं दी थी।

निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि यह घटना भारत की नहीं है और भारत में झूठे दावे के साथ इसे साझा किया जा रहा है। इसके साथ ही इस घटना के बारे में 2015 में लेख प्रकाशित किया गया था, जिससे मालूम होता है कि यह घटना पुरानी है।

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