पश्चिम बंगाल: 24 लाख के कैश के साथ धरे गए भाजपा के चार चौकीदार
पुलिस का कहना है कि इन पैसों को कुलतली गांव में भाजपा के बूथ एजेंटों को बांटने के लिए ले जाया जा रहा था.
पश्चिम बंगाल पुलिस ने 17 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के बरूईपुर से 24 लाख रुपए जब़्त कर भारतीय जनता पार्टी के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया है.
आनंद बाजार पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक बरूईपुर पूर्वी विधानसभा मंडल के महासचिव मिन्टू हलदार एक कार में बैठे हुए थे. सरस्वती हलदार और नमिता सरकार नामक दो महिलाएं इसी गाड़ी में भाजपा के एक अन्य कार्यकर्ता कौशिक मंडल के साथ पीछे की सीट पर बैठी थीं. रात के साढ़े बारह बजे पुलिस ने इन चारों को गिरफ़्तार कर लिया. आनंद बाजार पत्रिका के मुताबिक पुलिस का कहना है कि इन पैसों को कुलतली गांव में भाजपा के बूथ एजेंटों को बांटने के लिए ले जाया जा रहा था.
रिपोर्टों के मुताबिक, जब कार रूकी तो बरूईपुर महिला पुलिस थाने की इंचार्ज ने पाया कि हलदार और सरदार दोनों महिलाओं ने पैसों को बेल्ट की तरह पहन रखा है. पैसे को एक भगवा कपड़े में बांध कर रखा गया था. इस कपड़े पर कमल का निशान भी बनाया गया था. 2000 के नोटों के 6 बंडल इन दोनों महिलाओं के पास से बरामद किए गए हैं.
इसके बाद पुलिस ने मीडिया को बताया कि जयनगर से भाजपा के उम्मीदवार अशोक कंडारी का दस्तख़्त किया हुआ 10 लाख रुपए का चेक भी बरामद किया गया है.
दक्षिण 24, परगना के भाजपा नेता सुनित दास ने आनंद बाजार पत्रिका को बताया, “मिन्टूबाबू पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता हैं. वे एक जाने माने उद्योगपति भी हैं. उस दिन उन्होंने अपने बिजनेस से जुड़े पेमेंट करने के लिए अपनी गाड़ी में पैसे रखे थे. चुनाव से ठीक पहले पुलिस हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को षड्यंत्र के तहत फंसा रही है.”
दक्षिण 24 परगना के तृणमूल कांग्रेस के नेता शुभाशीष चक्रवर्ती ने सुनित दास के आरोपों का खंडन किया है. आनंद बाजार पत्रिका से उन्होंने बताया है, “भाजपा के नेताओं को हर चीज में षड्यंत्र नज़र आता है. पुलिस जांच कर रही है. भाजपा के नेता ने अपने बिजनेस के लिए आधी रात को 24 लाख रुपए क्यों निकाले? जांच होने पर सारी सच्चाई सामने आएगी.”
आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक अवर मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय बासु का कहना है कि चुनाव आयोग ने इस मामले पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है. बरूईपुर से गिरफ़्तार इन चारों भाजपा नेताओं को बरूईपुर कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.