फैक्ट चेकः विद्यासागर कॉलेज में हुई हिंसा को लेकर BJP ने किए गलत दावे, TMC कार्यकर्ताओं पर लगाया विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने का झूठा आरोप
ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल
15 मई की सुबह, भाजपा आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रभारी अमित मालवीय ने भाजपा प्रमुख अमित शाह की रैली के दौरान विद्यासागर कॉलेज परिसर में भड़की हिंसा के बारे में कॉलेज के एक छात्र के कथित ‘प्रथम-व्यक्ति बयान’ को ट्वीट किया। मालवीय ने लिखा, “वह इस बात को याद करते हैं कि टीएमसी के गुंडों ने कैसे अपनी क्षुद्र राजनीति के लिए कॉलेज में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति को बर्बरतापूर्वक तोड़ा।” -(अनुवाद)
First person account of a student from Vidyasagar College. Original post in Bangla and translation alongside. He recounts how TMC hooligans orchestrated vandalisation of Ishwar Chandra Vidyasagar’ bust inside the college for their petty politics. #SaveBengalSaveDemocracy pic.twitter.com/OWA79RTjbw
— Amit Malviya (@amitmalviya) May 15, 2019
मालवीय द्वारा शेयर फेसबुक पोस्ट के अनुसार, कोई बिरज नारायण रॉय का दावा था कि तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा, TMCP, ने हिंसा को उकसाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसर के अंदर से रैली पर ईंटें फेंकी गईं, TMCP के सदस्यों ने मोटरसाइकिलों में आग लगाई और ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी। कथित छात्र का दावा था कि भाजपा कार्यकर्ता मूर्ति को नहीं गिरा सकते थे क्योंकि यह परिसर के काफी अंदर स्थित है। उन्होंने लिखा, “आपको कॉलेज परिसर के अंदर स्थित मूर्ति तक पहुंचने के लिए दो गेटों — एक लोहे का और दूसरा लकड़ी का दरवाजा — को पार करने की आवश्यकता है। और TMCP पहले से ही ईंटों के साथ परिसर के अंदर थे।” (अनुवाद)
इस फेसबुक पोस्ट को पहले, सांसद स्वपन दासगुप्ता और दक्षिणपंथी प्रभाव वाले विकास पांडे ने ट्वीट किया था।
Sharing screenshot of a FB post by a student who explains what exactly happened at Vidyasagar College yesterday during Amit Shah’s road show. TMC is Bengal’s Taliban pic.twitter.com/K4KPPHHtBF
— Swapan Dasgupta (@swapan55) May 15, 2019
संदेश हटा दिया गया
संयोगवश, बिरज नारायण रॉय का फेसबुक अकाउंट अब उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यही संदेश कई लोगों द्वारा शेयर किया गया है, जिनमें कुछ लोग इसे पहले व्यक्ति के रूप में प्रसारित कर रहे हैं। कई फेसबुक यूज़र्स ने इसका ध्यान दिलाया।
ट्विटर यूज़र्स द्वारा भी यही संदेश प्रसारित होते देखा गया। एक ने व्यंग्य रूप में लिखा, “आज पूरा फेसबुक ‘मैं विद्यासागर का छात्र हूं’ बना है।” -(अनुवाद)
আজ গোটা ফেসবুক "আমি বিদ্যাসাগর কলেজের ছাত্র…"।
— Stereotypewriter (@babumoshoy) May 15, 2019
तथ्य-जांच
इस लेख में, ऑल्ट न्यूज़ ने फेसबुक पोस्ट में किए गए दावों की पड़ताल करने का प्रयास किया है।
पहला दावा: कॉलेज परिसर के अंदर से पहली ईंट फेंकी गई
इस आरोप के समर्थन में, कि कॉलेज परिसर के अंदर से ईंट फेंके जाने के बाद हिंसा शुरू हुई, सोशल मीडिया में, कोई ग्राउंड रिपोर्ट और तस्वीर या वीडियो प्रसारित नहीं है।
स्थानीय समाचार संगठन आनंद बाजार की ग्राउंड रिपोर्ट में देखा जा सकता है कि बाहर सड़क पर खड़े भगवा रंग की ‘नमो अगेन’ टी-शर्ट पहने लोगों द्वारा परिसर के अंदर पत्थर फेंके गए। फुटेज में परिसर के अंदर से किसी व्यक्ति को पत्थर फेंकते नहीं दिखाया गया है।
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस आरोप — कि हिंसा टीएमसी द्वारा शुरू की गई थी — के समर्थन में एक क्लिप शेयर की। उन्होंने इस क्लिप को कैप्शन दिया, “एक और वीडियो, जो दिखाता है कि टीएमसी ने भाजपा अध्यक्ष के रोड शो के दौरान दंगा-जैसी स्थिति पैदा करने के लिए रणनीतिक रूप से घातक योजना बनाई थी।” -(अनुवाद)
Another video which shows TMC had strategically planted thugs to create riot like situation during BJP President’s road show. The question is why? What was the motivation? Is TMC whipping up sentiment to save its political turf? TMC is a shame on Bengal. #SaveBengalSaveDemocracy pic.twitter.com/xeDBzQwgfj
— Amit Malviya (@amitmalviya) May 15, 2019
