भारत के लिए ठीक नहीं हिंसा और नफरत, राजनीति में एक-दूसरे के ख़िलाफ़ मुद्दों व विचारधारा को लेकर हो संघर्ष: राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष अपने चुनावी भाषणों में भाजपा और कांग्रेस के बीच विचारधारा की लड़ाई की बात करते रहे है.
लोकसभा चुनाव के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश की राजनीति को लेकर नई भाषा और मुहिम की शुरूआत की है. उन्होंने कहा कि राजनीति में हिंसा और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल न हो. क्योंकि यह भारत के लिए अच्छा नहीं है.
राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, “मैं राजनीति में एक नई भाषा के इस्तेमाल पर जोर दे रहा हूं . आइए मुद्दों और विचारधारा को लेकर लड़ाई करते हैं. लेकिन, एक-दूसरे के ख़िलाफ़ नफ़रत और हिंसा का इस्तेमाल न करें. यह भारत के लिए बुरा है.”
🇮🇳 🇮🇳 🇮🇳 I'm pushing for a new language in politics.
Let's fight each other brutally on issues. Let's fight hard on ideology.
But…
Let's not use hatred and violence against each other. It's bad for 🇮🇳 🇮🇳 🇮🇳.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 14, 2019
ग़ौरतलब है कि आम चुनाव के चलते नेताओं की भाषा का स्तर लगातार नीचे गिर रहा है. राजनीतिक पार्टियों के नेता विरोधी पर प्रहार करने की मंशा से कई बार हिंसात्मक और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष अपने चुनावी भाषणों में भाजपा और कांग्रेस के बीच विचारधारा की लड़ाई की बात करते रहे है.