हार देख कर बौखलाहट में छाती पीट रहे हैं नीतीश कुमार, दोहरे चरित्र का हो गया है पर्दाफ़ाश: तेजस्वी यादव
“नीतीश जी 2015 में लालू जी के पैरों में क्यों गिरे थे? क्या जेल जाने से बचने के लिए नीतीश जी ने जनादेश का चीरहरण किया?”
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि हार की बौखलाहट में नीतीश जी खुलेआम मंचों से छाती पीट रहे हैं कि लालू जी को कभी जेल से बाहर नहीं निकलने देंगे.
ट्विटर पर तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को निशाना बनाते हुए लिखा है कि हम आपकी तरह ज़मीर और जनादेश नहीं बेचते हैं बल्कि फासीवादियों से डटकर लड़ते और जीतते हैं. आगे तेजस्वी यादव ने पूछा है, “नीतीश जी 2015 में लालू जी के पैरों में क्यों गिरे थे? क्या जेल जाने से बचने के लिए नीतीश जी ने जनादेश का चीरहरण किया?”
नीतीश जी, संविधान का ज़रा सा भी ज्ञान है तो पता कर लीजिये निचली अदालत से ऊपर और भी अदालतें है। हम आपकी तरह ज़मीर और जनादेश नहीं बेचते। हम फासीवादियों से डटकर लड़ते और जीतते है। आप 2015 में क्यों लालू जी के पैरों में गिरे थे? क्या जेल से बचने के लिए आपने जनादेश का चीरहरण किया था?
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 14, 2019
एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी यादव ने लिखा है कि हार देखकर नीतीश जी अब छाती पीट रहे हैं कि लालू जी को कभी जेल से बाहर नहीं आने दूंगा. तेजस्वी ने कहा है कि नीतीश जी के दोहरे चरित्र का पर्दाफाश हो चुका है.
नीतीश जी हार की बौखलाहट में अब खुलेआम मंचों से छाती पीट धमकी दे रहे है कि लालू जी को कभी भी जेल से बाहर नहीं आने दूँगा। यानि मान रहे है कि उन्होंने अपने गुर्गों के साथ साज़िश कर लालू जी को जेल भेजा था। नीतीश जी, आपके दोहरे चरित्र का आपका पर्दाफ़ाश हो चुका है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 14, 2019
बता दें कि नीतीश कुमार की जनता दल यूनाईटेड और लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद ने 2015 में एक साथ मिलकर विधानसभा का चुनाव लड़ा था. प्रदेश में राजद-जदयू गठबंधन की सरकार बनी थी. लेकिन, 2017 में नीतीश कुमार ने राजद से नाता तोड़ कर भाजपा के साथ गठबंधन कर नई सरकार बना ली. इसके बाद से ही राजद नीतीश कुमार पर जनादेश के अपमान का आरोप लगाती रही है.
दरअसल, मंगलवार, 14 मई को पटना के एक चुनावी सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि कुछ भी कर लें, लेकिन मैं लालू प्रसाद यादव को जेल से नहीं निकलने दूंगा.
इधर, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला मामले में रांची की जेल में बंद हैं. तेजस्वी आरोप लगाते रहे हैं कि नीतीश कुमार और भाजपा ने साजिश के तहत लालू जी को जेल में बंद कर रखा है.
लोकसभा का चुनाव आख़िरी चरण में है. बिहार के लोकप्रिय नेता लालू प्रसाद यादव पूरे चुनाव के दौरान जेल में ही रहे हैं. राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि लालू प्रसाद यादव अगर चुनाव प्रचार में शामिल होती तो भाजपा नित एनडीए की मुश्किलें काफ़ी बढ़ जाती, इसलिए चुनाव के दौरान लालू प्रसाद यादव को कार्यकर्ताओं की पहुंच से भी दूर रखा गया.