आख़िर PM मोदी की रैली में पंजाब के किसान क्यों दिखाएंगे काले झंडे? जानें वजह
इससे पहले केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर अपने समर्थकों के साथ शनिवार को मंडल कलां-बादल गांव में स्टेट हाईवे पर क़रीब 90 मिनट तक रूकी थी, जहां उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा.
पंजाब के भटिंडा में बीते शनिवार को चुनावी अभियान के दौरान किसानों ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर को काले दिखाए थे. अब प्रदर्शन कर रहे किसान संगठन सोमवार को प्रधानमंत्री की रैली में काले झंडे दिखाने का मन बना चुके हैं. किसानों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए जो वादें किए थे उसमें से कुछ नहीं किया है.
दरअसल, पीएम मोदी शिरोमणी अकाली दल और भाजपा के संयुक्त उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने के लिए सोमवार को भटिंडा आ रहे हैं. जनसत्ता के मुताबिक़ किसानों का कहना है कि इससे पहले हरसिमत कौर को काला झंडा दिखाया था. अब प्रधानमंत्री का विरोध भी इसी तरह करेंगे.
भारतीय किसान यूनियन के पटियाला यूनिट के अध्यक्ष गुरबक्स सिंह ने कहा कि, “जब नरेंद्र मोदी एमएसपी में तथाकथित बढ़ोतरी की घोषणा करने मलोट आए थे, तब भी हमने उनका विरोध किया था. हमने एक धरने का आयोजन किया था. लेकिन, पुलिस ने हमें रोक दिया था. हम आज फिर उसी तरह से काम करेंगे.”
उन्होंने आगे कहा कि, “हमारे संगठन में शामिल पूरे राज्य के किसान धरना प्रदर्शन का हिस्सा बनने के लिए आ रहे हैं और हम मोदी को काला झंड़ा दिखाएंगे. हमें यह पता है कि हमारे प्रदर्शन मार्ग को पुलिस रोक देगी लेकिन हम उसी जगह धरने पर बैठ जाएंगे, जहां हमें रोका जाएगा. नरेंद्र मोदी ने 2014 में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ. पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल हमेशा कहते हैं कि यह चुनाव देश के प्रधानमंत्री को चुनने का है. इसलिए, लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम द्वारा किए गये वादे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.”
बता दें कि इससे पहले केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर अपने समर्थकों के साथ शनिवार को मंडल कलां-बादल गांव में स्टेट हाईवे पर क़रीब 90 मिनट तक रूकी थी, जहां उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा.
हरसिमरत कौर द्वारा प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस एजेंट बताए जाने को लेकर गुरबक्स सिंह ने कहा, “वे हमें काले झंडे दिखाने से नहीं रोक सकते हैं. वह और शिअद के नेता हमें धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन, हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे.”
बरगाड़ी मोर्चा दल का हिस्सा रह चुके यदविंदर सिंह बठिंडा ने कहा, “हम सिर्फ काले झंडे दिखा और शांतिपूर्वक धरना कर कैसे किसी पर हमला कर सकते हैं? इससे पता चलता है कि सांसद को डर है कि वह हारने वाली हैं. सिख संगत ने काले झंडे दिखाए और वह शांतिपूर्ण धरना कर रहे थे. वे आगे भी ऐसा करते रहेंगे.”