हरियाणा: 25 किलोमीटर दूर है तहसील कार्यालय, पहुंचने पर भी नहीं होता कोई काम- नाराज़ ग्रामीणों ने किया वोट बहिष्कार
ग्रामीणों की मांग है कि सरसाना गांव को बरवाला तहसील से जोड़ा जाए.
हरियाणा के बरवाला ज़िले के सरसाना गांव के मतदाताओं ने बड़े पैमाने पर मतदान का बहिष्कार किया है. मतदाताओं ने गांव सरसाना को बरवाला तहसील से जोड़ने की मांग को लेकर वोट का बहिष्कार किया.दरअसल सरसाना गांव को उप-तहसील खेड़ी, चोपटा व नारनौंद से जोड़ दिया गया है. जिसकी वजह से ग्रामीणों को अपने काम के लिए 25 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. फिर भी ग्रामीणें का काम पूरा नहीं हो पाता है. तहसील कार्यालय तक पहुंचने में कोई ना कोई समस्या जरूर आती है.
दैनिक सवेरा के ख़बर के मुताबिक, सरासाना में स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय के 2 पोलिंग बूथों पर सिर्फ 12 वोट डाले गए. मतदाताओं ने वोट बहिष्कार करने के साथ-साथ मतदान केंद्र के बाहर धरना प्रदर्शन किया. धरना पर बैठे मतदाताओं सरकार और प्रशासन के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की.

मतदान बहिष्कार की सूचना मिलते ही हलका विधायक अनुप धानक मौके पर पहुंचे और आक्रोशित मतदातओं से मतदान करने की अपील की. लेकिन, मतदाता अपनी मांग पर अड़े रहे और मतदान नहीं किया.
धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था, “गांव सरसाना पहले तहसील बरवाला से जुड़ा हुआ था. तब तहसील से जुड़े कार्य आसानी से हो जाता था. लेकिन, अब सरसाना के सब तहसील खेड़ी और चोपटा व नारनौंद से जोड़ दिया गया है. जिसके कारण अब हमें 25 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करके जाना पड़ता है. फिर भी काम नहीं होता है. तहसील कार्यालय में पहुंचने में कोई ना कोई समस्या जरूर आती है.”
अपनी इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार भी लगाई. इसके बावजूद अब तक समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है.
सरसाना गांव के मतदाताओं ने यह भी कहा, “यदि तहसील बरवाला से नहीं जोड़ा गया तो आगमी विधानसभा चुनाव में भी वोट बहिष्कार किया जाएगा और इसके लिए सरकार व प्रशासन जिम्मेदार होगा.”