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थोथा विकास के बीच गहराता जलसंकट: रहते हैं झारखंड में, लेकिन पानी लाते हैं ओडिशा से

इस गांव में सरकार के तरफ़ से मात्र दो चापाकल (हैंडपम्प) लगाए गए हैं जिसने भीषण गर्मी में काम करना बंद कर दिया है.

झारखंड की रघुबरदास की सरकार विकास के बहुत दावे करती है लेकिन राज्य में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. दिनोंदिन पेयजल का संकट गहराता जा रहा है. राज्य में सिमडेगा एक ऐसा गांव है जहां के लोग रहते तो झारखंड में हैं, लेकिन पानी लाने ओडिशा जाते हैं.

प्रभात ख़बर की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ केरया पंचायत के इस गांव में गर्मी के दिनों में जलस्तर काफ़ी नीचे चला गया है. 25 परिवारों वाले इस गांव में सरकार के तरफ़ से मात्र दो चापाकल लगाए गए हैं जिसने भीषण गर्मी में काम करना बंद कर दिया है. मजबूरन अब लोगों को राज्य की सीमा पार कर ओडिशा जाना पड़ता है.

स्थानीय निवासी मरियानुस डुंगडुंग ने प्रभात ख़बर को बताया कि गर्मी के मौसम में ओड़िशा राज्य में लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है. सरकार और स्थानीय विधायक को चाहिए कि डीप बोरिंग कराकर हमें पानी की सुविधा दें.

हालांकि प्रशासन के तरफ़ से अभी किसी प्रकार का कोई आश्वासन नहीं मिला है. लोग नदी और कुआं का पानी पीने को मजबूर है.

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