सच का सामना: BJP सहित NDA के बड़े नेताओं ने माना- मुश्किल है भाजपा को बहुमत आना
भाजपा नेता राम माधव ने कहा है कि सत्ता विरोधी लहर के कारण हम 2014 जितनी सीटें नहीं जीत पाएंगे.
भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के भीतर हताशा देखने को मिल रही है. भाजपा के महासचिव राम माधव ने इस बात का संकेत दिया है कि सत्ता विरोधी लहर होने के कारण भाजपा के पास पूर्ण बहुमत आना संभव नहीं है.
ब्लूमबर्ग न्यूज़ के साथ बातचीत में राम माधव ने कहा, “अगर हमें अपने दम पर 271 सीटें मिल जाएं तो बड़ी बात होगी..एनडीए के दलों के साथ हम बहुमत पा जाएंगे.”
रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा नेता राम माधव ने कहा है कि देश के उत्तरी राज्यों में भाजपा को नुक़सान हो सकता है, यहां 2014 के चुनाव में भाजपा को भारी जीत मिली थी. उन्होंने कहा है कि पूर्वोत्तर के राज्यों और पश्चिम बंगाल, उड़ीसा में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है. ब्लूमबर्ग न्यूज़ के मुताबिक उन्होंने कहा, “एक राजनेता के तौर पर हमें यह ध्यान में रखना चाहिए कि जिस तरह के वोट एक बार मिलते हैं अगली बार के चुनाव में बिल्कुल वही परिस्थिति नहीं होती. सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ता है.”
एचटीएन तिरंगा टीवी के मुताबिक शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता नरेश गुजराल ने कहा है कि भाजपा इस बार बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाएगी और उत्तर प्रदेश में महागठबंधन भाजपा को नुक़सान पहुंचाएगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार बनाने के लिए भाजपा को चुनाव के बाद अन्य सहयोगी दलों को भी जोड़ना होगा.
पीटीआई से बातचीत में नरेश गुजराल ने कहा है, “अगर किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है, तो प्रधानमंत्री चुनने के पहले सभी दलों को विचार करना चाहिए, एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए यह जरूरी है. ऐसा करने से ही सभी क्षेत्रीय दलों के साथ बेहतर न्याय हो सकता है.”
इसी प्रकार एनडीटीवी में पूर्वा चिटनीस ने एक रिपोर्ट में लिखा है कि शिवसेना के संजय राउत ने संकेत दिया है कि आज के हालात 2014 से अलग हैं. तब भाजपा को बहुमत मिली थी. एनडीटीवी से संजय राउत ने कहा था, “राम माधव का बयान सही है. देश में इसी तरह का माहौल है. देश में एनडीए अपने सहयोगी दलों के साथ सरकार बनाएगी, लेकिन भाजपा के लिए मुश्किल होगा कि वह 280 से ज्यादा सीट जीत पाए.”
संजय राउत ने कहा कि देश में विपक्षी दलों का गठबंधन भाजपा के लिए बहुमत की राह में रोड़े अटकाएगा. उनका कहना है कि इस चुनाव में क्षेत्रीय दल काफ़ी मजबूती से उभरेंगे. उनका कहना है, “एनडीए हालांकि 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी, पर भाजपा के लिए बहुमत लाना कठिन है.”
कांग्रेस और उसके सहयोगी दल
9 मई को न्यूज़18 से बात करते हुए जदयू के नेता रसूल बलियावी ने कहा था कि 23 मई के बाद आने वाले चुनाव परणाम में एनडीए सरकार बनाने नहीं जा रही है. उन्होंने कहा था कि बिहार में एनडीए को वोट मोदी जी के कारण नहीं बल्कि नीतीश कुमार के विकास कार्यों की वजह से मिल रहा है. बलियावी ने कहा कि केंद्र में एनडीए की सरकार बनती है , तो नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे करना चाहिए.
कांग्रेस प्रवक्ता बृजेश कलप्पा ने एचटीएन टीवी से कहा था, “प्रधानमंत्री मोदी 30 साल पहले दिवंगत हो चुके प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर हमले बोल रहे हैं, इसी बात से पता चलता है कि सत्ता में मोदी जी की वापसी नहीं हो रही है.” उन्होंने कहा कि मोदी जी अब ये लड़ाई हार चुके हैं इसी कारण जनता का ध्यान मुद्दे से भटकाने के लिए राजीव गांधी को बीच में लाया जा रहा है.”
‘The very fact that the PM has to attack Rajiv Gandhi and raise issues that are 30 years old shows BJP is not coming back to power’, Congress’s @brijeshkalappa tells Tiranga TV#LokSabhaElections2019 pic.twitter.com/7pbz2p1DiB
— HTN Tiranga TV (@NewsHtn) May 11, 2019