नरेन्द्र मोदी तो नहीं पर राहुल गांधी ने दिया रवीश कुमार को इंटरव्यू, कहा- मैंने मोदी से सिखा कि देश कैसे नहीं चलाना है
राहुल गांधी ने कहा, “बिना किसी आवाज़ को सुने, सरकार नहीं चलाना चाहिए और नोटबंदी जैसे फ़ैसले नहीं करना चाहिए, ये सब बातें मैंने नरेन्द्र मोदी से सिखी है.”
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार के साथ बातचीत की है. इस इंटरव्यू में राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विफलता सहित कांग्रेस पार्टी के विजन के बारे में बात की.
राहुल गांधी ने कहा कि देश में नफ़रत और देश के संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने वाली विचारधारा के ख़िलाफ़ उनकी लड़ाई है. राहुल गांधी ने कहा कि देश में डर का माहौल है. देश की महिलाएं और हर वर्ग के लोग डर में जी रहे हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि हिन्दुस्तान की हर आवाज़ सुनेंगे और अगर आरएसएस के लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा का प्रयोग हो फिर वो उनकी भी रक्षा करेंगे. राहुल गांधी ने कहा कि देश ने आज तक जो कुछ भी हासिल किया है वो प्रेम के बल पर ही किया है.
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने सड़क से लेकर पार्लियामेंट तक नरेन्द्र मोदी के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी है. इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि 23 मई को जनता की जो आवाज़ आएगी उस हिसाब से वो जिम्मेदारी संभालेंगे.
राहुल गांधी ने कहा कि मैं अपने पिता, माता, दादी और परदादा से जुड़ी सच्चाई जानता हूं, इसलिए नरेन्द्र मोदी की बातों का कोई असर नहीं होता. वो कोई भी झूठ फैलाएं हमें असर नहीं होता.
राहुल गांधी ने कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी ने 2 करोड़ नौकरियां देने का, 15-15 लाख बैंक खातों में भेजने का वादा किया था, लेकिन अब वे इन पर बात नहीं करते क्योंकि अब उनकी सच्चाई सामने आ गई है. राहुल गांधी ने कहा कि आज की सच्चाई यही है कि चौकीदार चोर है. नरेन्द्र मोदी आज के हालात पर बात नहीं कर सकते हैं, इसलिए मेरे परिवार के बारे में बात करते हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि उनका राजनीतिक सिद्धांत है कि राहुल गांधी जनता की आवाज़ बनना चाहता है. उन्होंने कहा, “मैं अपने भीतर का स्वत्व ख़त्म करना चाहता हूं. मैं किसान के पास जाकर किसान बन जाना चाहता हूं. मजदूरों के पास मजदूर बनना चाहता हूं, उनकी तकलीफ़ें महसूस करना चाहता हूं. यहां तक कि मैं अगर रवीश के सामने हूं तो मेरी कोशिश है कि रवीश अगर किसी मुश्किल में हैं तो उन्हें समझूं.”
अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर रवीश कुमार के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए की सरकार ने 1990 के बाद के आर्थिक व्यवस्था को ही 2004 के बाद थोड़ा बदलाव करके लागू किया. 2012 तक यह व्यवस्था ठीक चली. लेकिन इसके बाद यह आर्थिक मॉडल फ़ेल होने लगी. नरेन्द्र मोदी की सरकार ने ग़लती यह कि उन्होंने फिर से 2004 वाला मॉडल ही लागू किया. हम इसमें सुधार करेंगे और सोच समझकर एक आर्थिक नीति पर काम करेंगे.
नेशनल हेराल्ड से जुड़े सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार में हैं, जिस तरह से चाहे जो जांच चाहे करा लें, लेकिन राफ़ेल की भी जांच कराएं.
राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग दबाव में है. नरेन्द्र मोदी कुछ भी कहते हैं तो कार्रवाई नहीं होती, जबकि कोई दूसरा आदमी वही बात करता है तो उस पर कार्रवाई हो जाती है.
राहुल गांधी ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कांग्रेस की सरकार बजट बढ़ाएगी.
इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि पिछले पांच सालों में मीडिया का रुख विपक्ष के लिए अच्छा नहीं रहा है. राफ़ेल मामले में हमने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर करके मीडिया के ध्यान में लाया तब यह मामला उजागर हो पाया.
राहुल गांधी ने कहा कि मेरा मजाक बनाने वाले लोगों से मैं सिखता हूं. जो शक्ति सुप्रीम कोर्ट के चार जजों को प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने पर मजबूर करती है, हम उसी शक्ति से लड़ रहे हैं.
इसके साथ ही हल्के अंदाज में राहुल गांधी ने रवीश कुमार से कहा कि आपके ऊपर भी आक्रमण किया जाता है और आपके ख़िलाफ़ भी नफ़रत फैलाई जाती है, आप भी बहुत बहादुरी से लड़ते हैं.
बसपा नेता मायावती के बारे में राहुल गांधी ने कहा कि मायावती जी देश के लिए एक सिंबल हैं. कांग्रेस पार्टी का मायावती जी की पार्टी की विचारधारा से लड़ाई है, पर मैं उनका सम्मान करता हूं.
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने नरेन्द्र मोदी से सिखा है कि देश को किस तरह नहीं चलाया जाना चाहिए. राहुल गांधी ने कहा, “बिना किसी आवाज़ को सुने, सरकार नहीं चलाना चाहिए और नोटबंदी जैसे फ़ैसले नहीं करना चाहिए, ये सब बातें मैंने नरेन्द्र मोदी से सिखी है.”