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पांच बार जब पीएम मोदी और भाजपा ने भारतीय सेना का उपयोग अपने निजी स्वार्थों के लिए किया

‘गैर-आधिकारिक यात्राओं’ के लिए वायु सेना के विमान का उपयोग करना और इसके लिए मात्र 744 रुपये का भुगतान करना.

प्रधानमंत्री मोदी ने बीते बुधवार को दिल्ली में एक राजनीतिक रैली में दावा किया था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपनी छुट्टियां मनाने के लिए विमान वाहक पोत आईएनएस विराट को अपने ‘व्यक्तिगत टैक्सी’ की तरह उपयोग किया. इसके बाद आईएनएस विराट के तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर वाइस एडमिरल रिटायर्ड विनोद पसरीचा और पूर्व नौसेना प्रमुख रिटायर्ड एडमिरल रामदास सहित नौसेना के कई अधिकारियों ने पीएम मोदी के आरोपों को ग़लत ठहराया था.

अधिकारियों के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी ने पूर्व पीएम राजीव गांधी पर एक झूठा आरोप लगाया है और उनकी बेवज़ह आलोचना की है. ऐसे में यदि आलोचनात्मक नज़रिए से प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को ही देखा जाए तो वह कई बार अपने और अपनी पार्टी हितों के लिए सेना के संसाधनों का उपयोग करते दिखते हैं. चाहें वो सेना के नाम पर वोट मांगना हो या सेना के नाम पर राजनीतिक चंदे की उगाही करना. कई बार प्रधानमंत्री ने वायुसेना के विमानों का उपयोग गैर-अधिकारिक यात्राओं के लिए किया है.

न्यूज़सेन्ट्रल24×7 हालिया के पांच घटनाओं पर नज़र डालेगा और आपको बताएगा कि किस प्रकार पीएम मोदी ने अपनी निजी उद्देश्यों के लिए सेना का इस्तेमाल किया है.

पुलवामा शहीदों के नाम पर वोट की अपील

महाराष्ट्र के लातूर में बीते गुरुवार को पीएम ने वोट के लिए अप्रत्यक्ष रूप से सेना का सहारा लिया. पीएम ने कहा कि, “एक प्रतिज्ञा लें, आप जो पहला वोट डालने जा रहे हैं…मैं पूछता हूं, क्या आपका पहला वोट उन सैनिकों को समर्पित करेंगे जिसने बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया? क्या आपका पहला वोट उन शहीदों को समर्पित हो सकता है ?..पुलवामा पर हमला ?.. ” यह साफ़ है कि पीएम मोदी चुनावी रैलियों में बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के नाम पर जनता से वोट देने की अपील कर रहे थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (साभार- ट्विटर, @narendramodi)

हालांकि, चुनाव आयोग ने पीएम के प्रति अपनी समर्पण का परिचय देते हुए इसे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना. आयोग प्रधानमंत्री मोदी को क्लीन चिट दी.

भारतीय वायुसेना को 240 गैर-आधिकारिक घरेलू यात्राओं के लिए सिर्फ 1.4 करोड़ रुपये का भुगतान

स्क्रॉल की विजय लालवानी की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरटीआई के तहत भारतीय वायु सेना से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा ने 15 जनवरी, 2019 को मोदी द्वारा एच/पी बालांगीर-एच/पी पाथरचेरा यात्रा के लिए 744 रुपये का भुगतान किया. ओडिशा के बलांगीर ज़िले में यह मार्ग व्यावसायिक रूप से जुड़ा नहीं है. वहीं 27 अप्रैल, 2017 को “चंडीगढ़-शिमला-अन्नाडेल-चंडीगढ़” यात्रा के लिए, भाजपा ने सिर्फ 845 रुपये खर्च किए हैं.

बता दें कि चंडीगढ़ से शिमला के लिए कमर्शियल उड़ानों की एक तरफ की क़ीमत 2,500 रूपये से 5,000 रूपये तक है. ऐसे में एक पब्लिक सेवक के लिए उड़ानों की कीमत कम क्यों है ? जो ख़ुद को प्रधान सेवक बताते हैं.

हालांकि, आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने यात्रा के लिए उपयोग किए गए विमानों की पूरी जानकारी नहीं दी गई. वायुसेना ने सिर्फ इतना ही बताया कि मोदी जी ने, “बीबीजे (बोइंग बिजनेस जेट)” और हेलीकॉप्टर एमआई-17 (वीवीआईपी) जैसे विमान का इस्तेमाल किया है. इसमें प्रति यात्री या प्रति किलोमीटर की दर से जानकारी नहीं दी गयी थी. इसलिए यह बताना संभव नहीं है कि क्या पीएम से सही कीमत वसूल की गयी थी.

स्क्रॉल रिपोर्ट में मार्च 2018 की अधिसूचना का भी हवाला दिया है. जिसके तहत बोइंग बिजनेस जेट के लिए प्रति घंटे उड़ान 14.7 लाख रुपये और एमआई -17 हेलीकॉप्टर के लिए 4.3 लाख रुपये की वसूली का उल्लेख किया गया है.

भाजपा को दान दें, हमारे पास भारतीय सेना के जवानों के साथ मोदी हैं

2019 के आम चुनाव से पहले ही सत्तारूढ़ भाजपा ने भारतीय सेना के साथ पीएम मोदी की एक तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था. जिसमें पीएम मोदी धूप से बचने के लिए चश्मा लगा के खड़े थे. तस्वीर में पीएम मोदी सेना के जवानों के साथ खड़े दिख रहे हैं. नरेंद्र मोदी मोबाइल ऐप के जरिए अब इस तस्वीर का इस्तेमाल कर पार्टी के लिए चंदा मांग रही थी.

चंदा मांगने के लिए सेना के जवानों के साथ पीएम की तस्वीर के साथ दाताओं के भावनाओं को सेना से जोड़ने के लिए एक कैप्शन लिखा था. जिसमें कहा गया था कि, “वह उनके (सेना) के लिए काम करते हैं. भारत को सुरक्षित रखने के लिए उनके साथ खड़े रहें. 2019 में फिर से नमों को समर्थन देने के लिए दान करें.”

मोदी जी की सेना

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई बार यह दावा किया है कि ‘भारतीय सेना मोदी की व्यक्तिगत सेना है.’

ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद में एक रैली में, आदित्यनाथ ने कहा था, “कांग्रेस के नेता आतंकवादियों को बिरयानी खिलाएंगे, जबकि मोदी की सेना उन्हें गोलियां और बम देती है.”

शाह ने 22 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर में एक रैली में कहा कि मोदी ने बालाकोट में हवाई हमले करने के लिए “अपना एयरफोर्स भेजा”.

एएनआई ने बताया कि शाह ने कहा, ‘पुलवामा आतंकी हमले में चालीस जवान शहीद हो गए. पहले ऐसी घटनाओं के बाद कुछ नहीं होता था. नरेंद्र मोदी ने 13 वें दिन(घटना के दिन से)अपने वायु सेना को आदेश दिया और हमारे विमान ने पाकिस्तान में आतंकवादियों को उड़ा दिया.

भाजपा नेताओ द्वारा ऐसे दावों के पीछे की मंशा सिर्फ सशस्त्र बलों के काम को मोदी की व्यक्तिगत उपलब्धियों के रूप में ज़ाहिर करना है, जिससे उन्हें भाजपा के लिए वोट की उम्मीद करना है.

पसंदीदा बॉलीबुड हस्तियों को भारत के सबसे बड़े सैन्य कार्यक्रम में ले जाना

अक्षय कुमार, ट्विंकल खन्ना, उनके बेटे आरव और कंगना रनौत को जनवरी 2016 में विशाखापत्तनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) में आमंत्रित किया गया था.

इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में 50 देशों के 99 जहाज़ों, 24 विदेशी युद्धपोतों और 4000 नाविक एक साथ एक जगह पर मौजूद होते हैं. इस आयोजन को भारत का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास माना जाता है. इस मौके का पीएम ने फायदा उठाया और उन्होंने इस मौके पर बॉलीबुड हस्तियों को आमंत्रित किया और उन्हें सम्मानित किया.

इसके अलावा, अक्षय कुमार ने हाल ही में यह स्वीकार किया है कि उनके पास कनाडाई पासपोर्ट है. वैसे अक्षय कुमार प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ भाजपा के काफी करीबी माना जाता है. इसका ताजा उदाहरण है, पीएम मोदी द्वारा अक्षय को दिया गया गैर-राजनीतिक साक्षात्कार.

दूसरी तरफ, कंगना रनौत भी पीएम मोदी की मुखर समर्थक रही हैं. ऐसे में कई सवाल उठते हैं कि भारतीय सैन्य अभ्यास के दिन इन बॉलीबुड ह्स्तियों को सम्मानित करने के पीछे का कारण पीएम के प्रति उनकी वफादारी थी.

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