बिजली नहीं तो वोट नहीं: PM मोदी के संसदीय क्षेत्र में बिजली खेल रही आंख मिचौली, गांव वालों ने लिया वोट बहिष्कार का फैसला
कुछ ही दिन पहले बनारस के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का स्लोगन दिया था.
भाजपा वोट पाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों को उठा रही है. जबकि खुद प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल है. कुछ ही दिन पहले बनारस के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का स्लोगन दिया था. ताज़ा मामले में बीएचयू के पीछे बसे रमुना गांव में बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है. पूरे दो महीनों से बिजली का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अब लोगों ने मजबूर होकर वोट बहिष्कार करने का फैसला लिया है.
सबरंग इंडिया की ख़बर के मुताबिक, सुप्रसिद्ध काशी विश्वविद्यालय के पीछे बसा रमुना गांव को साल 2010 में सफ़ाई कामों को लेकर लिए राषट्रपति पुरस्कार मिला था. लेकिन, इस गांव के लोग पिछले 2 महीने से सुचारु रूप से बिजली व्यवस्था के लिए परेशान हैं. पिछले 2 दिन से यहां के लोग धरने पर बैठे हैं. ग्रामीण तख्तियों पर ‘पावर नहीं तो वोट नहीं’ लिखकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
बिजली के लिए परेशान ग्रामीणों ने गांव के प्रधान के साथ निर्णय लिया है कि यदि 2 महीने में पूरी तरह से बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी तो आगामी 19 मई वह वोट का बहिष्कार करेंगे.
वोट बहिष्कार की बात सुनते ही आनन-फानन में ग्रामीणों की सुध लेने के लिए शुक्रवार को बिजली विभाग के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे.अधिकारियों ने ग्रामीणों को अगले 48 घंटे में बिजली व्यवस्था को सुचारू करने का आश्वासन दिया है.
गांव के प्रधान अमित पटेल का कहना है कि,“हम लोग पिछले 2 महीने से लो वोल्टेज और पावर कट की समस्या से परेशान हैं.हमारा गांव बीएचयू के पास गंगा किनारे बसा है.सब्जी की खेती करते हैं.तापमान बढ़ने के कारण सब्जियों को पानी नहीं मिली तो ख़राब हो जाएगी.बहुत सी सब्जियां नष्ट हो चुकी है.“
उन्होंने कहा कि,“हमने अधिकारियों से बात की.लेकिन,वह सुन नहीं रहे थे.इसलिए हमें मजबूरन धरने पर बैठना पड़ा. आज बिजली विभाग के अधिकारी हमसे मिले और उन्होंने हमें 24 घंटे का समय मांगा जिस पर हमने उन्हें 48 घंटे का समय दिया है.यदि हमारी मांग नहीं पूरी होती है और हमारे गांव में बिजली व्यवस्था ठीक नहीं होगी हम वोट नहीं देंगे.हमारा साफ कहना है बिजली नहीं तो वोट नहीं.”
वहीं, बिजली अधिकारी ने कहा कि,“हम सूचना मिलने पर रमना गांव पहुंचे यहां पर ग्रामीण धरने पर बैठे थे. हमने उनकी समस्या को जाना तो हमें पता चला वहां मुख्य रूप से दो समस्या हैं. पहला पावर कट और दूसरा लो वोल्टेज. हम जल्दी इन दोनों समस्याओं से ग्रामीणों को निजात दिलाएंगे, जिसके लिए उन्होंने हमें 48 घंटे का समय दिया है.हम 48 घंटे के अंदर ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करेंगे.”