हरियाणाः भूमि अधिग्रहण का नहीं मिला मुआवजा, अब वोट की चोट देकर BJP को सबक सिखाएंगे 20 गांवों के किसान
किसानों ने आरोप लगाया, “भाजपा सरकार और प्रशासनिक अधिकारी झूठा आश्वासन देकर उनके साथ भद्दा मजाक कर रहे हैं.”
हरियाणा के किसानों में भूमि अधिग्रहण का मुआवजा न मिलने को लेकर भाजपा सरकार के प्रति खासा रोष व्याप्त है. 20 गांवों के सैकड़ों किसानों ने आगामी 12 मई को भाजपा को वोट की चोट देकर सबक सिखाने का फ़ैसला किया है. किसानों का आरोप है कि भाजपा उन्हें झूठे आश्वासन का लॉलीपोप दे रही है.
दैनिक सवेरा टाइम्स की ख़बर के अनुसार जींद के जुलाना में पुराने बस स्टैंड के पास किसानों ने बीते 8 मई को एक बैठक का आयोजन किया था. इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे ओमप्रकाश लाठर ने कहा, “बीते साल 26 मई 2018 को भाजपा के केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह और सांसद रमेश कौशिक ने धरने पर बैठे किसानों को आश्वासन दिया था कि एक महीने के भीतर किसानों को मुआवज़ा बढ़ाकर दिया जाएगा. लेकिन सरकार ने आज तक मुआवजा नहीं दिया.” बैठक के दौरान किसानों ने सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी भी की.

किसानों ने आरोप लगाया, “भाजपा सरकार और प्रशासनिक अधिकारी किसानों को झूठा आश्वासन देकर उनके साथ भद्दा मजाक कर रहे हैं.” अब रोहतक के इन किसानों ने फ़ैसला किया है कि वोट की चोट देकर भाजपा को सबक सिखाएंगे और उसका बहिष्कार करेंगे.
ग़ौरतलब है कि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान देशभर के किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किया है. हालांकि सरकार ने किसानों के भले के लिए उचित कदम नहीं उठाए. किसानों का रोष चुनाव में भाजपा के लिए घातक साबित हो सकता है.