यौन उत्पीड़न केस: सु्प्रीम कोर्ट जांच पैनल ने CJI के ख़िलाफ़ आरोपों को बताया बेबुनियाद, रिपोर्ट सार्वजनिक करने से किया इनकार
महिला ने खुद को जांच पैनल के सुनवाई से अलग करते हुए कहा था कि मुझे इस कमेटी से जांच की उम्मीद नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर हाउस इंक्वायरी कमेटी ने कहा है कि पूर्व सुप्रीम कोर्ट महिला कर्मचारी के आरोपों बेबुनियाद है. जांच पैनल ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के जजों को सौंपी है.
बार एंड बेंच के रिपोर्टर मुरली कृष्णन द्वारा शेयर की गई एक नॉटिफ़िकेशन अनुसार, कमेटी ने अपने आर्डर में लिखा है कि “यह इंक्वायरी कमेटी अपनी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए उत्तरदायी नहीं है.”
#Breaking: In House committee clears CJI Ranjan Gogoi, says no substance in allegations of former Employee. @barandbench pic.twitter.com/cl057qqzMr
— Murali Krishnan (@legaljournalist) May 6, 2019
बता दें कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न का शिकायत करने वाली महिला ने पिछले मंगलवार को इन हाउस इंक्वायरी पैनल की सुनवाई में भाग लेने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट में जूनियर सहायिका के तौर पर काम करने वाली महिला ने कमेटी पर आरोप लगाए थे कि यह इंक्वायरी पैनल मेरे द्वारा पेश किए गए तथ्यों और सबूतों को सही ढंग से नहीं ले रही थी. इसलिए अब मुझे इससे न्याय की उम्मीद नहीं है.
इसके बाद अख़बार के हवाले से एक ख़बर आयी थी कि सुप्रीम कोर्ट के एक सिटिंग जज डी वाई चंद्रचूड़ जांच पैनल के सदस्यों से मिले थे. रिपोर्ट में बताया गया था कि उन्होंने आरोप लगाने वाली पूर्व सुप्रीम कोर्ट महिला कर्मचारी के बिना जांच की कार्रवाही को आगे नहीं जारी रखने की बात की थी. हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा था कि किसी भी जज ने पैनल के अध्यक्ष जस्टिस बोबडे से मुलाक़ात नहीं की है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने बयान में कहा था कि इस तरह का इन-हाउस पैनल, किसी भी अन्य न्यायाधीश से किसी भी तरह की जानकारी लिए बिना अपने आप विचार-विमर्श करता है.