यह कैसा विकास? 2014 में ग्रेजुएट थे रवि किशन, 2019 में रह गए 12 वीं पास
अभिनेता से नेता बने रवि किशन की उम्र 5 साल में 7 साल बढ़ गई.
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन ने 2014 और 2019 में दायर चुनावी हलफनामे में शैक्षणिक योग्यता और उम्र को लेकर अलग-अलग जानकारी दी है.
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए दायर चुनावी हलफ़नामे में रवि किशन ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास बताई है. हलफनामें के अनुसार उन्होंने 1990 में मुंबई के रिज़वी कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स से सीनियर सेकेंडरी स्कूल यानी बारहवीं पास की है.
इसके अलावा भाजपा नेता की उम्र में जरूरत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. चुनावी हलफ़नामे में रविकिशन की उम्र 51 साल है. लेकिन 2014 में उन्होंने अपनी उम्र 44 साल बताई थी. यानी 5 साल में भाजपा प्रत्याशी की उम्र 7 साल बढ़ गई.
ravi-kishan-2019-affidavitहालांकि, 2014 में कांग्रेस की टिकट पर जौनपुर से मैदान में उतरे रवि किशन ने अपने हलफनामे में मुंबई विश्वविद्यालय के एफिलेटेड रिज़वी कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स से बी.कॉम पास होने की जानकारी दी थी.
Ravi-Kishan-2014-affidavitइस महीने की शुरुआत में, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के हलफनामे में भी कुछ इसी तरह की ग़लत जानकारी सामने आई. जिसमें 2014 और 2019 के बीच, उनकी शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएट से 12 वीं पास हो गई.
ग़ौरतलब है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125A के अनुसार चुनावी हलफनामे में जानबूझकर गलत जानकारी देने या जानकारी छुपाने पर 6 महीने की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकता है.
हालांकि, ऐसी गलत जानकारी देने के लिए स्मृति ईरानी के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसलिए यह स्पष्ट रूप से माना जा सकता है कि रवि किशन पर भी कोई मामला दर्ज नहीं होगा.
गोरखपुर में 19 मई को अंतिम चरण में का मतदान होना है. समाजवादी पार्टी ने इस सीट से रामभुयान निषाद को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस पार्टी ने मधुसूदन तिवारी को मैदान में उतारा है.