प्रेस की आजादी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को परिभाषित करता है विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस, जानें महत्वपूर्ण तथ्य
साल 1991 में अफ्रीका के पत्रकारों ने प्रेस की आजादी के लिए आवाज उठाई थी.
दुनिया भर में 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस (वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे) मनाया जाता है. प्रेस स्वतंत्रता दिवस का उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखना रखना है.
साल 1991 में अफ्रीका के पत्रकारों ने प्रेस की आजादी के लिए आवाज उठाई थी. उन पत्रकारों ने 3 मई को प्रेस की आजादी के सिद्धांतों से संबंधित ‘डिक्लेरेशन ऑफ विंडहोक’ नामक बयान जारी किया था. जिसके बाद साल1993 में संयुक्त राष्ट्र ने प्रेस दिवस मनाने की घोषणा की थी.
प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर थीम आयोजन
- हर साल प्रेस दिवस के मौके पर अलग-अलग थीम तय की जाती है. इसके साथ ही इसकी मेजबानी भी हर साल अलग-अलग देशों को मिलती है. साल 2019 में “लोकतंत्र के लिए मीडिया: फर्जी ख़बरों और सूचनाओं के दौर में पत्रकारिता के लिए चुनाव है” थीम रखी गई है.
- इस बार विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम का आयोजन इथोपिया की राजधानी आदिस अबाबा में हुआ है. कार्यक्रम में यूनेस्को और इथोपिया सरकार भी सहयोग करेंगी.
- इस कार्यक्रम में चुनाव के दौरान मीडिया के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला जाएगा. साथ ही विश्व में शांति और समृद्धि बहाल करने में मीडिया की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी.
क्यों मनाया जाता है प्रेस स्वतंत्रता दिवस
- दुनियाभर में पत्रकारों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उदाहरण के लिए सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी, भारतीय पत्रकार गौरी लंकेश की खुलेआम हत्या प्रेस की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगाती है.
- पत्रकारों, खासकर महिला पत्रकारों के साथ उत्पीड़न के मामले सामने आते हैं. अगर कोई मीडिया संस्थान सरकार की मर्जी से नहीं चलता तो उसे प्रताड़ित किया जाता है.
- पत्रकारों के साथ मारपीट और धमकियां को अंजमा दिया जाता है.
- यह सभी चीजें अभिव्यक्ति की आजादी में बाधाएं उत्पन्न करती हैं. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए प्रेस दिवस मनाया जाता है.
- लोकतंत्र के मूल्यों की सुरक्षा और उनको बहाल करने में मीडिया अहम भूमिका निभाता है. इसलिए सरकारों को पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.
कैसे मनाया जाता है प्रेस स्वतंत्रता दिवस
- विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यूनेस्को द्वारा साल 1997 बाद हर साल 3 मई प्रेस स्वतंत्रता पर उल्लेखनीय काम करने वाले व्यक्ति या संस्थान को गिलेरमो कानो ‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम प्राइज’ दिया जाता है.