सुशासन बाबू के राज में बच्चों का भविष्य अंधकारमय, 300 छात्रों के हाईस्कूल में पढ़ाने के लिए सिर्फ 3 शिक्षक बहाल
स्कूल में शिक्षकों के अभाव के कारण छात्र सभी विषयों की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं.
सुशासन बाबू के राज में पटना के पालीगंज अनुमंडल में स्थित दामोदर हाईस्कूल में 300 से अधिक छात्रों का भविष्य सिर्फ 3 शिक्षकों के भरोसे टिका हुआ है. बिहार सरकार ने विद्यालय में छात्रों को पढ़ाने के लिए सिर्फ 3 शिक्षक बहाल किए हैं.
स्कूल में शिक्षकों के अभाव के कारण छात्र सभी विषयों की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं. हालात यह है कि अभिभावक इस स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला नहीं करवाना चाहते हैं.
ईटीवी भारत की ख़बर के अनुसार अभिभावकों का कहना है, “स्कूल में शिक्षकों की कमी है. सिर्फ 1 प्रभारी महोदय और 2 शिक्षक मौजूद हैं. वे कभी-कभी आते हैं. ऐसे में बच्चों की क्लास न के बराबर लगती है. बच्चों का भविष्य अंधकार में है. बच्चों का भविष्य सिर्फ कोचिंग पर टिका हुआ है.”
ग़ौरतलब है कि पालीगंज अनुमंडल के दक्षिणी इलाके में शिक्षा की कमी को दूर करने के लिए रघुनाथपुर गांव के निवासी दामोदर शर्मा ने साल 1944 में रघुनाथपुर गांव में दामोदर उच्च विद्यालय बनवाया था. सरकार ने कुछ सालों में स्कूल को अपने संरक्षण में ले लिया.
पहले इस स्कूल में आसपास के इलाकों से हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ने आते थे. लेकिन, धीरे-धीरे शिक्षकों के अभाव में छात्रों का स्कूल आना बंद हो गया.
ईटीवी भारत के अनुसार स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के छात्रों ने बताया, “विद्यालय में 3 शिक्षक है जो कभी आते हैं और कभी नहीं आते. सर नहीं आते तो हम चले जाते हैं.”
बता दें कि स्कूल के हालात भी पूरी तरह खस्ता है. कई दिनों से झाडू नहीं लगा, शौचालय गंदे पड़े हैं. सुशासन बाबू चुनावी प्रचार में मस्त है और उन्हें राज्य में स्कूलों के हालातों की सुध नहीं है. इस विद्यालय में 10वीं से 12वीं तक छात्रों की संख्या लगभग 300 है. वहीं, 9वीं कक्षा में छात्रों का नामांकन जारी है.
ईटीवी भारत ने जब विद्यालय के प्रधानाचार्य से मोबाइल पर स्कूल के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की तो मीडिया का नाम सुनते ही उन्होंने फोन बंद कर लिया.