फेंकेन्द्र मोदी: खुद से कपड़ा धोने की वाहवाही लूटने में लंबा फेंक गए प्रधानमंत्री मोदी, जानें सच्चाई
अभिनेता अक्षय कुमार के साथ इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा है कि 2001 में मुख्यमंत्री बनने से पहले वह अपने कपड़े खुद ही धोया करते थे पर मोदीजी का यह झूठ एक ही दिन में पकड़ा गया.
बॉलीवुड के कलाकार अक्षय कुमार के साथ अपने साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नया झूठ बोला है. उन्होंने कहा है कि 2001 मे मुख्यमंत्री बनने तक अपने खुद ही धोया करते थे, जबकि सच्चाई यह है कि 1970 में जब नरेन्द्र मोदी आरएसएस के प्रचारक थे, तभी उनके पास एक धोबी था, जो उनके कपड़े धोया करता था. 2017 में उसकी मौत हो गई थी.
अक्षय कुमार के साथ इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा, “छोटी बैग में मेरी जिंदगी थी. इसी में अपना सामान रखा करता था. सीएम बना तब तक मैं अपने कपड़े खुद धोया करता था, फिर मैंने सोचा कि लंबी बांह वाले कुर्ते की वजह से मुझे ज्यादा कपड़े धोने पड़ते हैं, दूसरा कि पूरी बांह वाला कुर्ता मेरे बैग में ज्यादा जगह लेता है, तो मैंने खुद ही अपने कुर्ते की बांह काट दिया था, जो बाद में फैशन बन गया.”
WATCH | "I used to wash my clothes till the time I became Chief Minister": PM Modi tells Akshay Kumar
Full interview: https://t.co/flA2JrFOjN pic.twitter.com/7sz9RV7oP7
— NDTV (@ndtv) April 24, 2019
लेकिन, 2 साल पहले छपे इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट कुछ और ही तस्वीर पेश करती है. 2017 में इंडियन एक्सप्रेस में ख़बर छपी थी कि चांद मोहम्मद धोबी, जो 1970 में संघ के प्रचारक रहे नरेन्द्र मोदी के कपड़े धोया करता था, उसकी मौत हो गई है. चांद मोहम्मद उस समय नरेन्द्र मोदी के कपड़े धोया करते थे, जब मोदी जी 1970 में गोधरा में आरएसएस के प्रचारक हुआ करते थे.
रिपोर्ट के अनुसार चांद मोहम्मद ने लगभग एक दशक तक नरेन्द्र मोदी के कपड़े धोए थे. यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ चांद मोहम्मद की तस्वीर भी उपलब्ध है. चांद मोहम्मद की मौत 76 साल की उम्र में हो गई थी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है, ” शनिवार को कार्डियक अरेस्ट आने के बाद धोबी को इलाज के लिए वडोदरा ले जाया गया है. चांद मोहम्मद धोबी 2008 में खासा लोकप्रिय हुए थे, जब मुख्यमंत्री मोदी ने उन्हें एक जनसभा में खास निमंत्रण देकर बुलाया था. तब नरेन्द्र मोदी ने चांद मोहम्मद को पांच लाख का चेक भी सौंपा था, जिसे लेने से चांद ने इनकार कर दिया था. इसके बदले में चांद मोहम्मद ने जमीन के एक टुकड़े की मांग की थी, जिस पर मोदी तुरंत ही सहमत हो गए थे और जिला प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करने को कहा था.”
(इंडियन एक्सप्रेस की पूरी रिपोर्ट को यहां क्लिक करके पढ़ा जा सकता है.)