May a good source be with you.

भारत की 70 प्रतिशत माताओं पर नहीं होता नेताओं की चालबाजियों का असर, बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की सुरक्षा को मानती हैं अहम मुद्दा

इस सर्वे में 36.9 प्रतिशत कामकाजी और 66.1 गृहिणी माताएं शामिल हुई थी.

हाल ही में कराए गए एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि भारत की 70 प्रतिशत माताएं चुनाव में नेताओं की चालबाजियों की बजाय अपने बच्चों की शिक्षा और महिला सुरक्षा को बड़ा मुद्दा मानती हैं.

बहुभाषीय प्लेटफॉर्म मॉम्सप्रेसो द्वारा कराए गए सर्वे में कुल 1317 माताओं ने हिस्सा लिया. इस सर्वे में 36.9 प्रतिशत कामकाजी और 66.1 गृहिणी माताएं शामिल हुई थी.

इस अध्ययन में पता चला है कि 70 प्रतिशत भारतीय माताएं चुनावी चालबाजियों से दूरी बनाकर रखती हैं.

इस अध्ययन में कहा गया है, “70 प्रतिशत भारतीय मां अपने बच्चे को लेकर चिंतित होती है. सर्वे में पाया गया है कि मेट्रो शहरों में रहने वाली 22 प्रतिशत महिलाएं मीडिया की बातों से प्रभावित रहती हैं. जबकि गांव और कस्बों में रहने वाली 28 प्रतिशत महिलाएं अपने रिश्तेदारों और परिवार वालों की राय सुनकर वोट डालती हैं.”

80 प्रतिशत महिलाएं अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए और अधिक स्कूलों का निर्माण चाहती हैं. 84 प्रतिशत महिलाएं बड़ी कंपनियों में दिन का ख़्याल रखने वाली व्यवस्था चाहती हैं. कामकाजी महिलाओं में 10 में से 9 महिलाएं महंगाई को लेकर चिंतित थीं. 10 में से 8 माताओं का मानना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ भविष्य में बच्चों को नुक़सान पहुंचा सकती हैं. पूर्वी भारत में रहने वाले 10 में से 9 महिलाओं का कहना था कि वे वोट अपने हिसाब से देती हैं.

अध्ययन में पाया गया कि भारत में महिलाओं के लिए अपने बच्चों की सुरक्षा (62 प्रतिशत), शिक्षा (45 प्रतिशत), प्रदूषण (23 प्रतिशत) और भ्रष्टाचार (23 प्रतिशत) चिंता का विषय है.

पीटीआई इनपुट्स पर आधारित

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+