पीएम किसान योजना के नाम पर किसानों के साथ घटिया मजाक, मोबाइल पर मैसेज आने के बाद भी खाते में नहीं आई पहली किस्त
संदेश मिलने के बाद किसान बैंक गए और कर्मचारियों से अपने खाता नंबर की जांच करवाई तो पता चला कि उनके खाते में पैसे नहीं आए हैं.
एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी चुनावी रैलियों में पीएम किसान योजना का गुणगान कर वाहवाही लूट रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ इस योजना के तहत मिलने वाली पहली किस्त को लेकर किसानों के साथ मजाक हो रहा है.
मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले किसानों के खाते में पहली किस्त के तौर पर 2000 रुपए देने की बात कही थी. लेकिन अभी भी कई किसानों के खाते में पैसा नहीं आए हैं जबकि उनके मोबाइल पर पैसे आने का संदेश आ चुका है.
दैनिक सवेरा टाइम्स के अनुसार हरियाणा के गोहाना के गांव खानपुर में किसान धर्मबीर के साथ भी पीएम किसान योजना द्वारा मजाक किया गया है. उनके मोबाइल पर बीते 24 फरवरी को पहली किस्त के तौर पर 2 हजार रुपए आने का संदेश आया था.
लेकिन संदेश मिलने के बाद जब धर्मबीर पंजाब नेशनल बैंक की गोहाना शाखा में पहुंचे और बैंक कर्मचारियों से अपने खाता नंबर की जांच करवाई तो पता चला कि उनके खाते में पैसे नहीं आए हैं.
इसके बाद बैंक कर्मचारियों ने धर्मबीर को कृषि विभाग और हलका पटवारी से इस विषय में जानकारी लेने को कहा. तब से धर्मबीर संबंधित महकमों के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन न उनके खाते में 2000 रुपए की राशि नहीं आई है और न ही कोई अधिकारी इस विषय में उन्हें कुछ बता रहा है.
ग़ौरतलब है कि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करते हुए किसानों के लिए पीएम किसान योजना के तहत सलाना 6000 रुपए की योजना बनाई थी. जिसके तहत किसानों को 3 किस्तों में 6 हजार रुपए दिए जाने थे.
इस मामले को लेकर बीते सोमवार को पीड़ित किसान की पत्नी विधायक जगबीर मलिक के पास पहुंची. जगबीर मलिक ने कहा कि भाजपा ने चुनाव को देखते हुए किसानों के साथ भद्दा मजाक किया है और जनता चुनाव में भाजपा को सबक सिखाएगी.
वहीं कृषि विभाग के एस.डी.ई.ओ राजेन्द्र मेहरा ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मेरा पास अब तक कोई किसान नहीं आया है. यदि धर्मबीर आएगा तो वे इस बारे में जांच-पड़ताल जरूर करेंगे.