हेमंत करकरे को लेकर साध्वी प्रज्ञा के विवादित बयान पर भड़की पूर्व आईपीएस मीरा चड्ढा बोरवांकर, कहा- उनका नाम बदनाम करने का उसे क्या अधिकार है?
मीरा चड्ढा बोरवांकर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की महानिदेशक थी. वह पुणे पुलिस कमिश्नर और मुंबई क्राइम ब्रांच में प्रमुख के रूप में काम कर चुकी हैं.
पूर्व आईपीएस अधिकारी मीरा चड्ढा बोरवांकर ने 26/11 मुबंई आतंकी हमले में शहीद हेमंत करकरे को लेकर भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की है.
मीरा चड्ढा बोरवांकर ने सीएनएनटीवी18 से कहा, “ प्रज्ञा ठाकुर ने शहीद हेमंत करकरे के बारे में जो कहा है, उससे मैं बेहद व्यथित हूं. मैं उन्हें बीस साल से ज्यादा समय से जानती थी. वह एक सज्जन व्यक्ति थे और सबसे पेशेवर पुलिस अधिकारियों में से एक थे.”
उन्होंने कहा, “सिर्फ इसलिए कि वह अपना बचाव करने के लिए जीवित नहीं हैं तो क्या प्रज्ञा ठाकुर को उनका नाम बदनाम करने का अधिकार है? यह अनैतिक और भारतीय संस्कृति के ख़िलाफ़ है, जिस पर वह महिला विश्वास करने के लिए कह रही है. मैं उसके बयान की निंदा करती हूं और इसके लिए वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगें.”
बता दें कि मीरा चड्ढा बोरवांकर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की महानिदेशक थी. वह पुणे पुलिस कमिश्नर और मुंबई क्राइम ब्रांच प्रमुख के रूप में काम कर चुकी हैं.
ग़ौरतलब है कि मालेगांव बम विस्फोट की मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने 26/11 हमले में शहीद और मालेगांव बम विस्फोट की जांच करने वाले आतंकवादी निरोधी दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे की मौत के बारे में कहा, ‘वे अपने कर्मों की वजह से मरा है. उसे मेरा श्राप लगा था.’
केंद्रीय आईपीएस एसोसिएशन ने भी साध्वी प्रज्ञा के टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि, ” अशोक चक्र से सम्मानित दिवंगत श्री हेमंत करकरे, आईपीएस ने आतंकवादियों से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया. हम सभी पुलिस कर्मी एक नेता द्वारा उनके बलिदान का अपमान करने वाले बयान की निंदा करते हैं. इसके साथ ही पुलिस कर्मियों ने मांग की है कि हर हाल में शहादत का सम्मान किया जाना चाहिए.”
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