मालेगांव बम धमाका: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को नहीं किया गया है बरी, जानें सही तथ्य
भाजपा ने बीते बुधवार को एलान किया कि लोकसभा चुनाव में भोपाल से साध्वी प्रज्ञा को उम्मीदवार बनाया जाएगा.
मालेगांव बम धमाके की मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बरी नहीं किया गया है. वे बीमारी का हवाला देकर जमानत पर जेल से बाहर आई हैं. इसलिए उनके द्वारा लोकसभा चुनाव लड़े जाने को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई है.
दरअसल, भाजपा ने बुधवार को एलान किया कि लोकसभा चुनाव में भोपाल से साध्वी प्रज्ञा को उम्मीदवार बनाया जाएगा.
इस एलान के बाद से सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें होने लगी. काफी लोगों ने दावा किया कि साध्वी प्रज्ञा को अदालत निर्दोष करार दे चुकी है. कुछ लोगों ने कहा कि, एनआईए कोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया है.
वहीं, कई लोगों ने विरोध जताते हुए कहा कि मालेगांव बम धमाके की आरोपी को टिकट दिया गया है. दूसरी तरफ, भाजपा के इस एलान के बाद मालेगांव धमाके में एक पीड़ित के पिता ने साध्वी प्रज्ञा के ख़िलाफ़ एनआईए कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई है.
साध्वी के ख़िलाफ़ आपत्ति दर्ज करने वाले पीड़ित का कहना है, ‘उन्हें अभी एनआइए कोर्ट से बरी नहीं किया गया है.’
दैनिक जागरण के अनुसार, पीड़ित के पिता ने उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि साध्वी ने अपनी जमानत में ख़राब स्वास्थ्य को अहम आधार बनाया था. ऐसे में उनका लोकसभा चुनाव लड़ना आपत्तिजनक है.
बता दें कि 29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में हुए बम धमाके में 6 लोगों की मौत और 101 ज़ख्मी हुए थे. यह धमाका मोटरसाइकिल पर विस्फोटक बांध कर किया गया था. इस मामले की जांच में मुख्य आरोपी के तौर पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सजा काट रही थी.
इस मामले में साध्वी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दी है.