सऊदी अरब में दो पंजाबियों का सिर कलम, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने व्यक्त किया रोष- विदेश मंत्रालय से मांगेंगे विस्तृत रिपोर्ट
विदेश मंत्रालय पहले तो इस मामले को रोक नहीं पाया और फिर दोनों व्यक्तियों की मौत की ख़बर को तबतक छुपाया गया जबतक सतविंदर की पत्नी ने याचिका दायर नहीं की
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीते बुधवार को सऊदी अरब में 2 पंजाबियों का सिर कलम किए जाने को बर्बर और अमानवीय करार देते हुए रोष व्यक्त किया है. उन्होंने कहा है कि इस मामले में विदेश मंत्रालय से विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी.
ख़बरों के अनुसार सऊदी अरब में हत्या के आरोप में होशियारपुर निवासी सतविंदर कुमार और लुधियाना के रहने वाले हरजीत सिंह का सिर कलम कर दिया गया था. पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस मामले पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “यह बहुत दुखद है कि सभ्य देशों में आज भी ऐसी अमानवीय घटनाओं को अंजाम दिया जाता है.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह 28 फरवरी की घटना है. अमरिंदर सिंह ने रोष व्यक्त करते हुए कहा, “विदेश मंत्रालय पहले तो इस मामले को रोक नहीं पाया और फिर दोनों व्यक्तियों की मौत की ख़बर को तबतक छुपाया गया जबतक सतविंदर की पत्नी ने याचिका दायर नहीं की.”
उन्होंने कहा कि वह इस मामले में सऊदी के अधिकारियों से बात करने के लिए वो विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप की मांग करेंगे.
ग़ौरतलब है कि सऊदी अरब के कानून के अनुसार मरने वाले व्यक्ति के परिवार को सिर्फ मृतक का प्रमाण पत्र मिलता है. परिवार को मृतक व्यक्ति का शव नहीं सौंपा जाता है.
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से आह्वान किया कि वे इस मामले पर गंभीरता से संज्ञान लें और सऊदी अरब पर दबाव डालें कि वह “अपनी प्राचीन और धूर्त रूप से अवैध प्रथाओं को समाप्त करे” जो मानवता के सभी मानदंडों के खिलाफ थीं.

अमरिंदर सिंह ने कहा कि हाल ही में सऊदी के क्राउन प्रिंस की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया, प्रोटोकॉल को तोड़ दिया. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच दोस्ती के संबंध हैं, इसलिए मृतकों के शवों को वापस लाना विदेश मंत्रायल के लिए मुश्किल नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो प्रधानमंत्री मोदी को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि शवों की वापसी सुनिश्चित हो सके.
मुख्यमंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित चाहिए कि ऐसी घटनाए दोबारा न हो और किसी भी भारतीय को भविष्य में किसी भी तरह से न्याय या उसके वैध अधिकार से वंचित नहीं किया जाए.”