सर्जिकल स्ट्राइक या राम मंदिर नहीं, महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है घर में आजादी: शूटर मनु भाकर
मनु भाकर आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय हैं.
देश की सबसे कम उम्र की शूटर मनु भाकर ने कहा कि राममंदिर या सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे गांव की महिलाओं को प्रभावित नहीं करते हैं. उनके लिए आज भी सबसे बड़ा मुद्दा घर में उनकी आजादी को लेकर है.
दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में मनु भाकर ने कहा, “राममंदिर हो या सर्जिकल स्ट्राइक….तीन तलाक हो या आरक्षण का मुद्दा, ये सभी मुद्दे सिर्फ शहरी महिलाओं को ही प्रभावित करते हैं.”
उन्होंने कहा, “ मैं हरियाणा के अति पिछड़े झज्जर के गोरिया गांव से हूं. जहां तक मैं समझती हूं गांव की महिलाओं के लिए आज भी एक ही मुद्दा है ‘घर में आजादी, समान व्यवहार का दर्जा.’ सरकार अभिभावकों की काउंसलिंग करे तो महिलाएं आगे बढ़ ही जाएंगी.”
मतदान करने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने लेकिन चुनाव लड़ने में महिलाओं की संख्या में कमी के सवाल पर मनु भाकर ने कहा, “इसका संबंध आजादी से है. खुलकर जीने की आजादी. आप देखेंगे राजनीतिक इच्छा शक्ति उन महिलाओं में ज्यादा दिखती है, जिन्हें घर में खुलकर रहने की आजादी है. इसलिए आज भी चुनाव लड़ने वाली महिलाओं की संख्या कम है.”
सही उम्मीदवार को वोट देने की बात पर मनु भाकर कहती हैं, “ मैं वोट उसे देना चाहूंगी जो अपने क्षेत्र से परिचित हो, स्थानीय हो और साफ छवि का हो.”
ग़ौरतलब है कि मनु भाकर शूटिंग की विश्व चैपिंयनशिप में 2 गोल्ड मैडल देश के नाम कर चुकी हैं. वहीं, पिछले दो सालों में एक दर्जन से ज्यादा इंटरनेशनल मैडल जीत कर मनु ने देश का नाम रोशन किया है.