महिला विरोधी टिप्पणी पर आज़म खां को घेरने पहुंची सुषमा स्वराज, लोगों ने कहा- एम.जे अकबर और कुलदीप सिंह सेंगर की करतूतों पर आप धृतराष्ट्र बन गई थीं
मी टू आंदोलन के समय कई महिला पत्रकारों ने एम.जे. अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. वहीं भाजपा विधायक सेंगर उन्नाव गैंगरेप का नामजद आरोपी है.
भाजपा नेता जया प्रदा के ख़िलाफ़ सपा नेता आज़म खां की आपत्तिजनक बयानबाजी का विरोध करने आईं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना झेलनी पड़ी. कुछ लोगों ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के पुराने बयान को लेकर घेरा तो कुछ ने उन्हें हाल ही में भाजपा नेता सतपाल सिंह सत्ती द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को गाली देने को लेकर निशाना बनाया है.
आजम खां पर टिप्पणी करते हुए सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर लिखा था- “मुलायम भाई – आप पितामह हैं समाजवादी पार्टी के. आपके सामने रामपुर में द्रौपदी का चीर हरण हो रहा हैं. आप भीष्म की तरह मौन साधने की गलती मत करिये.”
सुषमा स्वराज के ट्वीट पर जवाब देते हुए वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापरी ने लिखा, “आपने सही सवाल उठाया है. पर इस बीच ना जाने कितनी बार द्रौपदी का चीरहरण होता रहा .. रेप से लेकर हत्या की धमकी दी जातीं रहीं .. आप भी तो हमेशा धृतराष्ट्र बनी रहीं सुषमा जी.”
दरअसल, विनोद कापरी का इशारा मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके एम. जे. अकबर और भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की ओर था. मी टू आंदोलन के समय कई महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया था कि एम.जे. अकबर ने उनका यौन उत्पीड़न किया है. वहीं भाजपा विधायक सेंगर पर उन्नाव में नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का आरोप है.
आपने सही सवाल उठाया है। पर इस बीच ना जाने कितनी बार द्रौपदी का चीरहरण होता रहा .. रेप से लेकर हत्या की धमकी दी जातीं रहीं .. आप भी तो हमेशा धृतराष्ट्र बनी रहीं सुषमा जी। https://t.co/6DTFG4WCeV
— Vinod Kapri (@vinodkapri) April 15, 2019
पत्रकार अभिसार शर्मा ने भाजपा आईटी सेल द्वारा सुषमा स्वराज की ट्रोलिंग को याद करते हुए लिखा, “यही नहीं विनोद. सुषमा जी को उनकी पार्टी के IT सेल के गुण्डों ने अपशब्द कहे थे. पार्टी उनके समर्थन मे नहीं आया. IT सेल के प्रमुख ने सुषमा जी पर हुए हमले पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया. मोदी भी खामोश रहे और अधिकतर मुद्दों पर बीजेपी के महिला नेता खामोश.”
यही नहीं विनोद। सुषमा जी को उनकी पार्टी के IT सेल के गुण्डो ने अपशब्द कहे थे। पार्टी उनके समर्थन मे नहीं आया। IT सेल के प्रमुख ने सुषमा जी पर हुए हमले पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया । मोदी भी खामोश रहे। और अधिकतर मुद्दों पर बीजेपी के महिला नेता खामोश। https://t.co/AVhalhxpCR
— Abhisar Sharma (@abhisar_sharma) April 15, 2019
रिपब्लिक ऑफ फ़ेकोस्लोवाकिया नाम के एक यूजर ने ट्वीट करते हुए हिमाचल प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती द्वारा राहुल गांधी को गाली देने पर ध्यान दिलाते हुए कहा, “शिवगामी माई-आप राजमाता हैं, भारतीय जनता पार्टी की. आपके सामने हिमाचल में बाहुबली का अपमान हो रहा है. आप गांधारी की तरह मौन साधने की गलती मत करिये.”
https://twitter.com/Fekoslovakian/status/1117774999677435904
वसीम अकरम त्यागी नाम के एक यूजर ने योगी आदित्यनाथ की मुस्लिम महिलाओं के बारे में की गई अभद्र टिप्पणी को याद करते हुए लिखा, “वह वीडियो अभी भी यूट्यूब पर मौजूद है, जिसमें योगी आदित्यनाथ मंच पर मौजूद थे और उसी मंच से एलान किया जा रहा था कि मुस्लिम महिलाओं का कब्र से निकालकर बलात्कार किया जाएगा. इस पर आपको शर्म आती है कि नहीं? इस पर आपको द्रोपदी की याद आती है कि नहीं? इस पर आपकी भावना आए थी क्या नहीं? “
वह वीडियो अभी भी यूट्यूब पर मौजूद है जिसमें योगी आदित्यनाथ मंच पर मौजूद थे और उसी मंच से एलान किया जा रहा था कि मुस्लिम महिलाओं का कब्र से निकालकर बलात्कार किया जाएगा। इस पर आपको शर्म आती है कि नहीं? इस पर आपको द्रोपदी की याद आती है कि नहीं? इस पर आपकी भावना आए थी क्या नहीं?
— Wasim Akram Tyagi (@WasimAkramTyagi) April 15, 2019
आप फॉर इंडिया नाम के ट्विटर हैंडल ने प्रधानमंत्री मोदी का एक पुराना विडियो क्लिप शेयर करके सुषमा स्वराज को घेरा. उसने लिखा है, “मैम, महिलाओं का सम्मान अवश्य ही होना चाहिये…. लेकिन इसकी शुरुआत कौन सा राजनेता करेगा?इस हमाम में सब नगें हैं.”
मैम, महिलाओं का सम्मान अवश्य ही होना चाहिये…. लेकिन इसकी शुरुआत कौन सा राजनेता करेगा ??
"इस हमाम में सब नगें हैं"#AzamKhan pic.twitter.com/obH86rZxSO
— साथ आप का 🇮🇳 (@AAPforINDIA) April 15, 2019
बता दें कि सपा नेता आज़म खां ने जया प्रदा को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. इसके साथ ही भाजपा के हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने राहुल गांधी को मां की गाली दी थी. इधर भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने वोट ना देने वालों को धमकी भरे अंदाज में वोट देने की अपील कर रही थी, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी भड़काऊ बयानबाजी की है. इन सभी नेताओं पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है.