ISIS से नहीं जुड़ा था JNU से लापता छात्र नज़ीब, मीडिया समूहों ने हटाई पुरानी ख़बर
नजीब की मां फातिमा ने कहा कि मीडिया समूहों द्वारा लेख और वीडियो हटा लेने से मैं राहत महसूस कर रही हूं.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया और इंडिया टुडे ने उस ख़बर को हटा लिया है जिसमें दावा किया गया था कि लापता जेएनयू छात्र नजीब अहमद आतंकवादी संगठन आईएसआईएस का समर्थक था. जेएनयू कैम्पस से लापता होने के पहले वह इस आतंकी संगठन के बारे में जानकारी हासिल कर रहा था.
दरअसल, इस ख़बर के छपने के बाद सोशल मीडिया पर यह बात आग की तरह फैल गई. बाद में दिल्ली पुलिस ने इस ख़बर का खंडन किया. दिल्ली पुलिस ने कहा कि नजीब की इंटरनेट ब्राउजिंग हिस्ट्री में आईएसआईएस से जुड़ा कुछ भी नहीं था.
बाद में इसे लेकर नजीब अहमद की मां फातिमा नफिस ने कुछ मीडिया संस्थानों के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा दर्ज किया. मीडिया रिपोर्ट में नजीब को आतंकी संगठन का समर्थक बताने को लेकर हुए मानहानि को फातिमा ने 2.2 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा. इसके साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट से सभी लेख और रिपोर्ट को हटाने की मांग की.
अब जब मीडिया समूह द्वारा लेख हटा लिया गया है तो नजीब की मां ने खुशी व्यक्त की. उन्होंने कहा, “मीडिया समूह द्वारा लेख और वीडियो हटा लेने से मैं राहत महसूस कर रही हूं. हालांकि इससे मुझे और मेरे परिवार को स्थाई रूप से छति पहुंची है. खासकर मेरे बेटे को लेकर ये ख़बरे बार-बार आती रहती है. मैं अन्याय के ख़िलाफ़ हमेशा आवाज़ उठाती रहूंगी.”
Press Release, 27march 2019
Major victory for us: media outlets remove false defamatory news about my son Najeeb. pic.twitter.com/v2FxoCGqGA
— Fatima Nafis (@FatimaNafis1) March 27, 2019
बता दें कि द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने मार्च 2017 में एक ख़बर छापी थी जिसमें बताया गया था कि नजीब गायब होने से एक दिन पहले इंटरनेट पर आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के बारे में सर्च कर रहा था. यह ख़बर पुलिस सूत्रों से दी गई थी.
बाद में यह ख़बर दिल्ली आजतक के साथ टाइम्स नाउ में भी चलाई गई. पर दिल्ली पुलिस ने इस बात का खंडन किया कि नजीब के ब्राउजिंग हिस्ट्री में ऐसा कुछ नहीं है.