सीताराम येचुरी ने बताया अपना चुनावी एजेंडा- मोदी सरकार को बेदखल करना हमारा पहला उद्देश्य
येचुरी ने कहा कि इस सरकार को हटाना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इस सरकार में हरेक लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले हुए हैं.
चुनावी बिगुल बज चुका है. तमाम राजनीतिक दल अपने चुनावी अभियान के साथ मैदान में उतर चुके हैं. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी ने भी पार्टी एजेंडे को स्पष्ट करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि इस सरकार को सत्ता से बेदखल करना हमारा पहला उद्देश्य है. यह इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इस सरकार में हरेक लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले हुए हैं, और ये धीरे-धीरे बढ़ते ही जा रहा है.
न्यूज़क्लिक से बात करते हुए येचुरी ने चुनाव को लेकर माकपा के चुनावी एजेंडे को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि “हमारे एजेंडे में बीजेपी को हराने के साथ संसद में लेफ्ट को मजबूत करना, साथ ही केंद्र में एक वैकल्पिक धर्मनिरपेक्ष सरकार सुनिश्चित करना है. यह तीनों उद्देश्य अधिकतर एंटी बीजेपी वोट को अपने तरफ़ खींचने में सहायक सिद्ध होंगे.”
.@SitaramYechury speaks on the General elections, the Left's vision and why BJP needs to be defeated.https://t.co/gh63A7F5n8
— CPI (M) (@cpimspeak) March 18, 2019
भाजपा द्वारा विपक्ष में मोदी का विकल्प नहीं होने की बात पर येचुरी कहते हैं, “यह बात वोटर को भ्रम में रखने के लिए बीजेपी पहले से ही उठाती रही है. यह बात नई नहीं है. जब वाजपेयी जी प्रधानमंत्री थे तब भी यह बात भाजपा उठाती थी. लेकिन आख़िर क्या हुआ, उनके बाद गठबंधन की सरकार दो बार बनी. भाजपा संसदीय व्यवस्था में विश्वास नहीं रखती वो चाहती है कि यहां प्रेसिडेंसियल फॉर्म आ जाए. आरएसएस भी सेक्युलर राष्ट्र को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है.”
उन्होंने आगे कहा कि “मोदी सरकार लोगों को मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है. किसान आत्महत्या कर रहे हैं. रोज़गार कम हो रहे हैं. नोटबंदी और जीएसटी से करोड़ों आदमी के रोज़गार छिन गए. पेट्रोलियम प्रोडक्ट के दाम बढ़ रहे हैं. इन तमाम मुद्दों पर वोटर वोट देंगे. लेकिन मोदी सरकार लोगों का ध्यान इससे हटाकर भारत-पाकिस्तान पर ले जाना चाहती है.”
धर्म के आधार पर ध्रुवीकरण के सवाल पर येचुरी ने कहा कि ” सबरीमाला मामले में केरल में महिलाओं ने इसके लिए मानव श्रृंखला की दिवार खड़ी कर दी. इससे बीजेपी के एजेंडे का पर्दाफाश हो गया. बीजेपी एक तरफ़ तीन तलाक को लेकर महिलाओं को समान अधिकार देने की बात कहती है वहीं दूसरे तरफ़ मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर राजनीति करती है.”