PM मोदी के संसदीय क्षेत्र का सूरत-ए-हाल: मरीजों को नहीं मिल रही आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त दवाइयां
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल प्रशासन को कई बार पत्र लिखकर उमंग फॉर्मेसी ने बकाये का भुगतान करने की मांग की है.
एक तरफ मोदी सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज कराने के बड़े-बड़े दावे पेश करती है, वहीं दूसरी तरफ इस योजना के तहत मरीजों को मुफ्त दवाओं का वितरण रोकने का ताज़ा मामला सामने आया है.
नवभारत टाइम्स की ख़बर के अनुसार काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली मुफ्त दवा के वितरण को बंद कर दिया गया है, क्योंकि अस्पताल द्वारा 66 लाख की बकाया राशि का भुगतान न करने की वजह से वेंडर्स ने दवाइओं की सप्लाई बंद कर दी है.
ग़ौरतलब है कि मोदी सरकार ने गरीबों के इलाज के लिए बीते साल नवंबर में बीएचयू के अस्पताल में इस योजना को बड़े जोर-शोर से लागू किया था. आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों का पांच लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त में होता है.
इस योजना के तहत मरीजों को बीएचयू अस्पताल परिसर में मौजूद उमंग फार्मेसी से दवाई दी जाती थी. लेकिन पिछले 4 महीनों से दवाइओं की कीमतों के भुगतान के लिए एक रुपया नहीं दिया गया है.
उमंग फार्मेसी ने बीते फरवरी को बकाया राशि के भुगतान के लिए चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखा था. जिसके जवाब में अस्पताल प्रशासन ने दवाइओं की कीमतों का जल्द भुगतान करने का वादा किया था. हालांकि इस वादे पर अमल नहीं किया गया.
जिसके बाद बीते 6 मार्च को उमंग फार्मेसी ने अस्पताल प्रशासन को पत्र भेज कर यह सूचना दी कि 66 लाख 1 हजार रुपए का बकाया होने की वजह से वेंडर्स ने दवाइओं की सप्लाई बंद कर दी है. जिसकी वजह से फार्मेसी को मरीजों के दवा वितरण को रोकने पर मजबूर होना पड़ा है.