आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ली शपथ: लोकसभा चुनाव तक नहीं देखेंगे गोदी मीडिया के टीवी चैनल
बीते रविवार को आंदोलन के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने टीवी न देखने की शपथ ली.
हालिया घटनाओं को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच बने तनाव की स्थिति के लिए दोनों देशों की मीडिया की काफ़ी आलोचना की गई. कई मीडिया आलोचकों का कहना था कि दोनों देशों की मुख्य मीडिया युद्ध के लिए उन्माद का माहौल पैदा कर रही हैं.
भारत में तो मीडिया जगत के ही कई वरिष्ठ पत्रकारों ने लोगों को मुख्य मीडिया से दूर रहने की सलाह दे दी. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर मीडिया की काफ़ी कटू आलोचना की गई. इस मसले पर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिल रहा है. बीते रविवार को आंगनवाड़ी वर्कर के आंदोलन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने टीवी न देखने की शपथ ली.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नेता शिवानी ने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “वो मीडिया संस्थाएं जो झूठी ख़बरों का प्रसार कर रहीं, दंगे-फ़साद करवा रही हैं, मजदूरों का आपस में बांटकर सरकार के प्रचार का साधन बनी हुई हैं-उसके ख़िलाफ़ हमें शपथ लेने की ज़रूरत है.
उन्होंने सभी आंगनवाड़ी सेविकाओं को शपथ लेने की अपील करते हुए शपथ पत्र को पढ़ा, “हम शपथ लेते हैं कि कम से कम आने वाले चुनावों तक मौजूदा सरकार, भाजपा और संघ परिवार के इशारों पर झूठ का प्रचार-प्रसार करने वाले समाचार चैनलों जैसे की ज़ी न्यूज़, रिपब्लिक न्यूज़, इंडिया टीवी और ऐसे सभी समाचार चैनलों का हम पूर्ण बहिष्कार करेंगे और आज ही टीवी से इनका कनेक्शन कटवा देंगे.”
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उन्होंने आगे कहा कि “जो मीडिया जनता का, जनता के लिए और जनता की समस्याओं को नहीं दिखाए उसे गोदी मीडिया कहते हैं. मोदी मीडिया कहते हैं. इसकी हमें ज़रूरत नहीं.”
ग़ौरतलब है कि आंगनवाड़ी सेविका अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही थी. लेकिन मुख्य मीडिया के द्वारा लगातार इनके प्रदर्शनों को कवरेज़ नहीं देने से यह दुखी थीं.