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नोएडाः किसानों का जोरदार प्रदर्शन, मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

किसान 10 प्रतिशत आबादी के प्लॉट, आबादी शिफ्टिंग नीति को मंजूरी दिलाने और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिल्डरों को जमीन अलॉटमेंट में हुए बंदरबाट की जांच समेत 10 मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर पिछले 15 दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे किसान बीते सोमवार को अनशन पर बैठ गए हैं. किसानों का कहना है कि जब उनकी मांगें पूरी नहीं होगी तब वह अनशन से नहीं उठेंगे.

किसान अस्तित्व बचाओ आंदोलन के बैनर तले किसान 12 फरवरी से सेक्टर 6 में प्राधिकरण कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान 10 प्रतिशत आबादी के प्लॉट, आबादी शिफ्टिंग नीति को मंजूरी दिलाने और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिल्डरों को जमीन अलॉटमेंट में हुए बंदरबाट की जांच समेत 10 मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

अंदोलन के संयोजक सुखवीर सिंह ने पीटीआई को बताया कि “सरकार ने हमारे मुद्दों को सुलझाने के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखाई है. नैतिकता मर गई है. यही वजह है कि हमने अनिश्चितकालीन हड़ताल का सहारा लिया है.” सुखवीर सिंह सहित आठ किसान अनिश्चितकालीन भुख हड़ताल पर बैठे हैं.

सुखवीर सिंह ने कहा कि मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई. पीटीआई ने नोएडा प्राधिकरण से टेलीफोन कॉल और संदेशों द्वारा संपर्क करना चाहा लेकिन वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई.

प्रदर्शनकारी सेक्टर 123 में एक कॉलेज और एक खेल का मैदान बनाने की भी मांग कर रहे हैं.

नवभारत टाइम्स की ख़बर के अनुसार आंदोलन तेज़ होता देख एसीईओ केके गुप्ता किसानों से मिलने गेट पर पहुंचे. उन्होंने किसानों की मांगों को जल्द पूरा करने का भरोसा दिया है. किसान नेता मनवीर भाटी ने बताया कि किसानों की मांग है कि अथॉरिटी को आर्थिक संकट में डालने और बिल्डरों को सस्ते रेट पर जमीन देने वाले अधिकारियों की प्रॉपर्टी की जांच हो और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए. किसानों ने अथॉरिटी में 1 बजे बाद प्रवेश पर लगी रोक हटाने की मांग की है.

एसीईओ केके गुप्त ने किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा. सीईओ नरेंद्र भूषण ने किसानों को बुधवार को वार्ता करने के लिए बुलाया है.

पीटीआई इनपुट्स के साथ

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