शिवसेना ने कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट करने वाले कार्यकर्ताओं को किया बर्खास्त
युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने ट्वीट कर जम्मू-कश्मीर को भारत का एक अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि पुलवामा हमले के बाद लोगों का गुस्सा आतंकवाद के प्रति होना चाहिए, ना कि निर्दोष लोगों के खिलाफ.
शिवसेना ने शुक्रवार को कथित तौर पर दो कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट करने वाले युवा कार्यकर्ताओं को बर्खास्त कर दिया. दरअसल, पुलवामा आतंकी हमला के बाद से देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे कश्मीरी छात्रों के ख़िलाफ़ हिंसा की खबरें आई.
इस मामले को लेकर युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने ट्वीट कर जम्मू-कश्मीर को भारत का एक अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि पुलवामा हमले के बाद लोगों का गुस्सा आतंकवाद के प्रति होना चाहिए, ना कि निर्दोष लोगों के खिलाफ.
आदित्य के ट्वीट के अनुसार “जम्मू-कश्मीर के कुछ छात्रों के साथ यवतमाल में कल एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. कल शाम तक, घटना में शामिल पार्टी के लोगों को बर्खास्त कर दिया गया है. लोगों का गुस्सा आतंक के खिलाफ होना चाहिए, न कि निर्दोष लोगों के खिलाफ.”
As of last evening, the Party has sacked those involved in the act. J&K is a part of India and no Indian, or for that matter, nobody should face the brunt of anger that is towards terrorism. We understand the angst but it must be against terror, not innocent people.
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) February 22, 2019
वहीं, यह हिंसा जिला युवा सेना के उपाध्यक्ष अजिंक्य मोटके के नेतृत्व में की गयी है. जिसमें युवाओं का एक ग्रुप ने दो कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है. हमलावरों ने पूरी घटना को रिकॉर्ड किया है.
यह वीडियो अजिंक्य मोटके के फेसबुक पेज पर अपलोड भी किया गया है. वहीं, इस वीडियों में मोटके बोल रहे हैं कि “कश्मीरियों को बाहर निकाल दिया जाएगा, जहां भी वो दिखेंगे उन्हें फिर से पीटा जाएगा.”फिलहाल, अजिंक्य मोटके फरार बताए जा रहे हैं.