मुजफ़्फ़रपुर शेल्टर होम: CBI जांच के आदेश के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए- माकपा
बिहार की पोस्को अदालत ने शेल्टर होम मामले में सीएम नीतीश कुमार समेत 2 वरिष्ठ नौकरशाहों के ख़िलाफ़ सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं.
मुजफ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामले में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की पटना राज्य कमेटी ने प्रेस नोट जारी करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफ़ा मांगा है. पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ सीबीआई जांच के बाद उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.
दरअसल, बिहार की पोस्को अदालत ने शेल्टर होम मामले में सीएम नीतीश कुमार समेत 2 वरिष्ठ नौकरशाहों के ख़िलाफ़ सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने यह आदेश आरोपी डॉक्टर अश्विनी की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है.
सीपीआईएम समेह तमाम वामपंथी दलों का एक भी मानना है कि मुजफ़्फ़रपुर शेल्टर होम में सालों से बच्चियों के साथ हो रहा बलात्कार और अपराध बिना राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं है. उनका मानना है कि शेल्टर होम संचालक और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके सहयोगियों की मित्रता जनता से छुपी नहीं है.

सीपीआईएम का कहना है कि कोर्ट द्वारा सीबीआई जांच से इस मामले में सब कुछ साफ़ हो जाएगा. इस मामले की जांच में पारदर्शिता तभी हो सकती है जब मुख्यमंत्री सहित कल्याण विभाग के अधिकारी तत्काल इस्तीफा दें. सीबीआई जांच का आदेश बिहार की जनता की जीत है.