भाजपा युवा शाखा की शिकायत पर योगी सरकार ने AMU के 14 छात्रों पर थोपा राजद्रोह का मुक़दमा
छात्रों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए (राजद्रोह), 153-ए, 307 (हत्या का प्रयास), 147 (दंगा भड़काने) और धारा 153-बी के आधार पर मुक़दमा दर्ज किया गया है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के 14 छात्रों पर राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया है. कथित रूप से देश विरोधी नारेबाज़ी के लिए यह मुक़दमा दर्ज हुआ है. आरोपी छात्रों की रिपब्लिक टीवी की रिपोर्टर और कैमरामैन के साथ अनबन हो गई थी.
दरअसल, मंगलवार को एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आने वाले थे. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. यही मौजूद रिपब्लिक टीवी के रिपोर्टर और कैमरामैन से छात्रों की अनबन हो गई. इसके बाद 14 छात्रों पर राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया गया.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पुलिस ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के अलीगढ़ ज़िले के अध्यक्ष मुकेश लोधी की शिकायत के आधार पर राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया है. मुकेश का कहना है, “जब मैं यूनिवर्सिटी की तरफ से गुजर रहा था, तो देखा कि छात्रों का दो ग्रुप आपस में बहस कर रहा है. इसके बाद मैंने अपनी गाड़ी रोकी, तभी कुछ छात्र आकर जबरदस्ती मेरे गाड़ी से मुझे खिंच ले गए. जब मैंने उनका विरोध किया तो उन्होंने फ़ायरिंग चालू कर दी. इसमें कोई घायल नहीं हुआ. हमलावरों ने पाकिस्तान जिंदाबाद और भारत मुर्दाबाद के नारे लगाए. मैं किसी भी तरह वहां से जान बचाकर भागा”.
मुकेश की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष हमज़ा सुफ़ियान, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मसकूर अहमद उस्मानी और पूर्व मानद सचिव मोहम्मद फ़हाद और कुछ अज्ञात छात्रों पर मुक़दमा दर्ज किया है.
छात्रों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए (राजद्रोह), 153-ए, 307 (हत्या का प्रयास), 147 (दंगा भड़काने) और धारा 153-बी के आधार पर मुक़दमा दर्ज किया गया है.
अलीगढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी पंकज श्रीवास्तव का कहना है, “अभी तक इस मामले में किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं की गई है. हम विडियो फुटेज और फोटोग्राफ़ की सत्यता की जांच कर रहे हैं.”
इस बीच पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के पत्रकार की शिकायत पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी पर भी मुक़दमा दर्ज कर दिया है. रिपब्लिक टीवी की महिला पत्रकार ने शिकायत की थी कि जब वो धरना कवर करने गई थी, तब छात्रों और सुरक्षाकर्मियों ने उसके साथ बदतमीज़ी की थी.
द वायर के मुताबिक यह मामला तब बिगड़ा तब यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर बताया कि रिपब्लिक टीवी की पत्रकार ने एएमयू को आतंकवादियों का संस्थान कहा है.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रसंघ ने एफ़आईआर को मनगढ़ंत बताया है और कहा है कि रिपब्लिक टीवी की टीम और भाजपा के सहयोगी दुर्भावना के साथ कैंपस में आए थे.
इधर, विश्वविद्यालय के जन सम्पर्क अधिकारी शाफे रिज़वी ने भी कहा है कि रिपब्लिक टीवी के पत्रकार बिना किसी इज़ाजत के कैंपस में घुस गए और छात्रों से सवाल पूछने लगे. विश्वविद्यालय का माहौल ख़राब करने के कारण हम रिपब्लिक टीवी और कुछ बाहरी तत्वों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करा रहे हैं.