मुजफ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामला: सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार सरकार को लगाई फटकार- कम से कम बच्चों को तो बख़्श दीजिए
कोर्ट ने मुजफ़्फ़रपुर मामले के ट्रायल को दिल्ली के पोस्को कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामले में बिहार की नीतीश सरकार को जमकर फटकार लगाई है. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बिहार सरकार के वकील से कहा कि अब बहुत हो गया कम से कम बच्चों को तो बख्श दीजिए. इसके साथ ही कोर्ट ने मुजफ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामले के ट्रायल को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है.
एनडीटीवी की ख़बर के अनुसार मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आप दुर्भाग्यशाली बच्चों के साथ इस तरह का बर्ताव करते हैं. कोर्ट ने कहा कि हम सरकार नहीं चला रहे हैं, लेकिन हम जानना चाहते हैं कि आप कैसे सरकार चला रहे हैं. कोर्ट ने आदेश दिया है कि दो हफ्ते के भीतर सारे रिकॉर्ड दिल्ली ट्रांसफर किए जाएं. साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने पोस्को साकेत कोर्ट को छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि न्याय को ध्यान में रखते हुए ट्रायल का ट्रांसफर किया जा रहा है.
दरअसल कोर्ट ने बिहार सरकार से सवाल पूछा कि बिहार में कितने शेल्टर होम हैं? उनमें कितने बच्चे हैं? कितने बालक और बालिकाएं हैं? शेल्टर होम को कितना फंड मिलता है और इनमें रहने वालों के हालात कैसे हैं?
कोर्ट ने इस मामले में जांच कर रही सीबीआई की टीम की निगरानी कर रहे ज्वाइंट डायरेक्टर एके शर्मा के ट्रांसफर पर कड़ी नाराजगी जताई है. चीफ जस्टिस ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बिना अनुमति के उनका ट्रांसफर नहीं होगा तो यह ट्रांसफर क्यों किया गया. क्या कैबिनेट कमेटी को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफर ना करने के आदेश दिए हैं. हालांकि केंद्र इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब देगा.
ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम का मामला सामने आने के बाद बिहार के 16 शेल्टर होम के मामलों को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था.