प्रधानमंत्री फसल बीमा जैसी शिथिल योजनाओं को रद्दी में डाल कर लागू की जा सकती है ग्रामीण आमदनी स्कीम: अरविंद सुब्रह्मण्यम
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के न्यूनतम आय योजना को लागू किये जाने के वादे के दो दिनों बाद ही प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रह्मण्यम ने विश्व बैंक और हावर्ड यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाओं के जानकार लोगों के साथ तैयार किए गए अपने एक रिपोर्ट को प्रस्तुत किया है. इस रिपोर्ट के आधार पर अरविंद… Continue reading प्रधानमंत्री फसल बीमा जैसी शिथिल योजनाओं को रद्दी में डाल कर लागू की जा सकती है ग्रामीण आमदनी स्कीम: अरविंद सुब्रह्मण्यम
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के न्यूनतम आय योजना को लागू किये जाने के वादे के दो दिनों बाद ही प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रह्मण्यम ने विश्व बैंक और हावर्ड यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाओं के जानकार लोगों के साथ तैयार किए गए अपने एक रिपोर्ट को प्रस्तुत किया है.
इस रिपोर्ट के आधार पर अरविंद सुब्रह्मण्यम ने कहा है कि सालाना हर ग्रामीण को 18 हज़ार रुपए की न्यूनतम आय उपलब्ध कराई जा सकती है. इसके लिए फ़सल बीमा और कर्ज़ माफ़ी जैसी मौजूदा योजनाओं को बंद करके ज़रूरी फण्ड इकट्ठा किया जा सकता है.
मौजूदा योजनाओं के ज़रिये उन्होंने केवल अमीर किसानों को ही लाभ पहुंचने की बात कही है. न्यूनतम आय को केंद्र और राज्यों की सरकारों के बीच पचास-पचास प्रतिशत की भागीदारी करके लागू किया जा सकता है.
इस योजना के लागू होने से वृद्धावस्था पेंशन और मातृत्व लाभ जैसी कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी तरह की कटौती से उन्होंने इनकार किया है.