1978 के बाद गुजरात में बसे सवर्णों को नहीं मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ, उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने सुनाया फरमान
मोदी सरकार ने संविधान में संशोधन कर आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फ़ैसला किया है.
गुजरात की भाजपा सरकार ने सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण नीति में एक नई और शातिर चाल चली है. प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा है कि वह 1978 या उससे पहले गुजरात में बसे लोगों को ही आरक्षण देंगे. इससे देश के अन्य हिस्से से गुजरात जाकर बसने वाले लोगों को नुकसान होगा.
भाजपा नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा है, “हमने फ़ैसला किया है कि दस प्रतिशत आरक्षण नीति का लाभ सिर्फ उन्हीं परिवारों को दिया जाए, जो गुजरात में 1978 या उससे पहले से रह रहे हैं.” सरकार के इस फ़ैसले से गुजरात में बिहार-यूपी और देश के अन्य हिस्से से जाकर बसे लोगों को इसका फ़ायदा नहीं मिलेगा. उप मुख्यमंत्री के इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है.
Nitin Patel, Deputy Chief Minister of Gujarat: We have decided that benefits of 10% reservation will be given to those families who are residing in Gujarat before 1978 or have come to Gujarat before 1978. pic.twitter.com/2yjSf4GOcg
— ANI (@ANI) January 25, 2019
बता दें कि हाल हीं में मोदी सरकार ने संविधान में संशोधन कर आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फ़ैसला किया है. सरकार के इस फ़ैसले को लागू करने वाला पहला राज्य गुजरात बना है.