नोटबंदी और जीएसटी के कारण दो करोड़ लोगों ने खोई अपनी नौकरी: कांग्रेस नेता अजय उपाध्याय
उपाध्याय ने कहा, “मोदी सरकार छोटे व्यापारियों की विरोधी है.”
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने बुधवार को दावा किया कि देश में लगभग दो करोड़ लोगों ने नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के कारण अपनी नौकरी खोई है.
एक प्रेस कॉंफ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि नोटबंदी और जीएसटी ने असंगठित क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है.
उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार के इन दो कदमों के कारण दो करोड़ लोगों की नौकरी चली गई है. भाजपा का हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा केवल ‘जुमला’ बनकर रह गया है.
उपाध्याय ने दावा कि साल 2018 के दौरान लगभग 1.1 करोड़ लोगों ने अपने रोजगार के अवसरों को खो दिया है.
उन्होंने कहा कि “हाल ही में RTI के जवाब के अनुसार, 24 लाख सरकारी पद वर्तमान में खाली पड़े हैं. अगर भाजपा सरकार बेरोजगार युवाओं को नौकरी देना चाहती थी, तो वे इन खाली पड़े पदों पर लोगों को भर्ती क्यों नहीं कर लेते.
इतना ही नहीं उन्होंने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 को लागू नहीं करने के लिए सरकार पर हमला किया और कहा कि इसके लागू न होने से छोटे व्यापारी और दैनिक आय वाले प्रभावित हुए. उपाध्याय ने कहा, “असंगठित क्षेत्र में 45-46 करोड़ लोग काम करते हैं. इसमें भारत के कुल कर्मचारियों की संख्या का 93 प्रतिशत शामिल है. मोदी सरकार छोटे व्यापारियों की विरोधी है.”
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी की शाखा – अखिल भारतीय असंगठित कामगार कांग्रेस ने 21 जनवरी को देशव्यापी धरने का आह्वान किया है ताकि क्षेत्र से संबंधित अपनी मांगों के लिए दबाव बनाया जा सके.