आलोक वर्मा को हटाने वाला फ़ैसले पर हो पुनर्विचार, जस्टिस सिकरी को सरकार से मिले CSAT पद के प्रस्ताव का खुलासा पहले करना चाहिए था – इंदिरा जयसिंग
जस्टिस सिकरी उस उच्च स्तरीय कमेटी में शामिल थे, जिसके फ़ैसले के कारण आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद से हटाया गया.
वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा है कि आलोक वर्मा पर फैसला करने के लिए बनी उच्च स्तरीय कमिटी में शामिल होने से पहले न्यायमूर्ति ए के सिकरी को इस बात का खुलासा करना चाहिए था कि सरकार ने उन्हें उनकी सेवानिवृति के बाद कामनवेल्थ सेक्रेटेरिएट आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल (सीएसएटी) में एक पद देने पर विचार किया है. इस कमेटी ने 8 जनवरी को आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटाने का फैसला किया था.
जयसिंह ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें यह कहा गया है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को सरकार ने ‘विदेश मंत्रालय द्वारा न्यायमूर्ति सिकरी को इस पद के लिए मनोनीत किए जाने की जानकारी दी थी’ और इस मामले पर उनकी सहमति मांगी गई है.
Justice Sikri should have disclosed this before he sat on the committee as the nominee of the Chief Justice of India , the decision is vitiated for this reason also , and the post requires “high moral character “? Where is the constitutional morality ? https://t.co/PgBbDNG7AJ
— Indira Jaising (@IJaising) January 13, 2019
इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मुख्य न्यायाधीश ने सरकार को इस सम्बन्ध में न्यायमूर्ति सीकरी के साथ चर्चा करने के बाद अपनी सहमति दे दी थी.
जयसिंह ने लिखा कि उच्च स्तरीय कमिटी द्वारा अलोक वर्मा को हटाने का फैसला ‘भ्रष्ट’ साबित होता है, क्योंकि न्यायमूर्ति सिकरी ने कमेटी में शामिल होने से पहले सरकार द्वारा उन्हें दिए गए प्रस्ताव को उजागर नहीं किया.
गौरतलब है कि मीडिया रिपोर्टों की वजह से आलोचनाओं के बाद न्यायमूर्ति सिकरी ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया. बता दें कि वे इस वर्ष 9 मार्च को सेवानिवृत होने वाले हैं.
जयसिंह ने बताया कि सीएसएटी के सदस्य या अध्यक्ष के पद के लिए ‘उच्च नैतिक चरित्र’ का होना ज़रूरी है. अपने एक और ट्वीट में जयसिंह ने कहा कि कमिटी के फैसले पर पुनर्विचार होना चाहिए, क्योंकि न्यायमूर्ति सिकरी को सीएसएटी के पद और उच्च स्तरीय कमिटी में शामिल होने में से कोई एक चीज़ चुनना चाहिए था.
The decision of the committee must be recalled ,Sikri J must opt to accept plum job in London or be on Commitees with PM , he cannot have both @ShekharGupta @maneeshchhibber @pbhushan1 @bainjal @INCIndia https://t.co/ncDiZpDen1
— Indira Jaising (@IJaising) January 13, 2019